मान्यवर स्नेही स्वजन,
आपको सहर्ष सूचित किया जाता है कि हमारे गांव देवनगरी नारलाई, तहसील देसूरी, जिला – पाली, राजस्थान में प्रथम बार वैदिक सनातन संस्कृति की परंपरा का अनुसरण करते हुए तीन दिवसीय वैदिक प्रचार संगोष्ठी व कथा का आयोजन किया जा रहा है। हमारे सभी सनातनी बंधुओं भगिनिनों व सज्जनों से आग्रह है कि इस तीन दिवसीय आयोजित कार्यक्रम में सह परिवार सहभाग लेते हुए वैदिक सनातन संस्कृति व गुरुकुल शिक्षा और संस्कारों के बारे में सही-सही ज्ञान प्राप्त करें जिससे आप स्वयं को और अपने सभी परिवार जनों व समाज को लाभान्वित और अनुग्रहित कर सकें।
कार्यक्रम की रूपरेखा
11 नवंबर 2024 – सांय 6:00 से 8:30 तक
भजन संध्या “एक शाम परमपिता के नाम”
12 नवंबर 2024 – प्रातः 8:00 बजे से 9:00 तक
“प्रातः कालीन हवन व ध्वजारोहण “
प्रातः 9:00 बजे से 12:00 तक “वेद जागरण शोभा यात्रा
” सांय 4:00 बजे से 8:00 बजे तक “वैदिक संगोष्ठी व भजन उपदेश”
13 नवंबर 2024 प्रातः 8:00 बजे से 9:00 तक
“प्रातः कालीन हवन व संस्कार- प्रवचन”
प्रातः 9:00 बजे से 12:30 बजे तक “(आधुनिक समय में गुरुकुल शिक्षा संस्कारों का महत्व) विषय पर चिंतन व भजन उपदेश” सांय 4:00 बजे से 6:00 बजे तक “गुरुकुलों के ब्रह्मचारियों व ब्रह्मचारिणियों द्वारा व्यायाम और कला प्रदर्शन” सांय 6:00 बजे से 8:00 तक “भजन संध्या व उपदेश”
14 नवंबर 2024 प्रातः 8:00 बजे से 12:30 बजे तक
“सामूहिक हवन- आहुति, यज्ञोपवीत (जनेऊ) संस्कार व संकल्प कार्यक्रम”
मध्याह्न 12:00 से 4:00 बजे तक “भोजन प्रसाद ग्रहण”
आवश्यक सूचना – तीन दिवसीय कार्यक्रम में प्रथम दो दिवस जलपान की व्यवस्था रहेगी व अंतिम दिवस में भोजन प्रसाद की व्यवस्था रहेगी।
कार्यक्रम में सान्निध्य व उपस्थिति
स्वामी ओमानंदजी सरस्वती व ब्रह्मचारी गण आर्ष गुरुकुल आबु पर्वत, सिरोही.
प्राचार्या डॉ. सुश्री सूर्यादेवीजी चतुर्वेदा व ब्रह्मचारिणियां आर्ष कन्या गुरुकुल शिवगंज, सिरोही.
भजनोंपदेशक
कुलदीप सिंह जी आर्य व भजन मंडली, अंतर्राष्ट्रीय भजन उपदेशक उत्तर प्रदेश.
आयोजक व निवेदक
रामाराम सुपुत्र गमनाजी आर्य (चौधरी) व समस्त आर्य परिवार.
कार्यक्रम स्थल
प्रेमजी की वाड़ी, सुथारोंवाला जाव, बस स्टैंड के पास, गांव नारलाई, तहसील देसूरी, जिला पाली, राजस्थान 306703.
संपर्क सूत्र
देवारामजी आर्य (चौधरी) 9860205148
बाबूलालजी आर्य (चौधरी) 9822040367
शेषाराम आर्य (चौधरी) 9595359300
“धर्म की रक्षा कौन करेगा, हम करेंगे हम करेंगे
“राष्ट्र की रक्षा कौन करेगा, हम करेंगे हम करेंगे”










