महर्षि दयानन्दार्ष गुरुकुल संस्कृत महाविद्यालय (ब्रह्माश्रम) राजघाट-नरौरा (बुलन्दशहर) उ० प्र० का
31वाँ वार्षिकोत्सव
दिनाँक 15, 16 व 17 अक्टूबर 2024,
मंगलवार, बुधवार एवं बृहस्पतिवार
तिथि : आश्विन शुक्ल त्रयोदशी, चतुर्दशी, पूर्णिमा वि सं0 2081
मान्यवर,
वर्तमान समय में वैश्विक स्तर पर सामाजिक परिवेश की विकृत एवं घृणित मानसिकता ने सारे विश्व को व्यथित करके रख दिया है। इसका मूल कारण है वेद विहीन आचरण एवं वेद विहीन सामाजिक विस्तारवाद व विकासवाद की व्यवस्था। आज विश्व के समस्त प्रगतिशील देश हमारी सनातन वैदिक आचरण व्यवस्था एवं सामाजिक व्यवस्था को अपनी जीवनशैली बनाने में अथक प्रयास कर रहे हैं और हम हैं कि पाश्चात्य परम्पराओं का अन्धानुकरण और चाटुकारिता करते नहीं थकते।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है कि वर्तमान में चहुँओर से हताश, उदास और निराश प्राणी जगत को ईश्वरीय व्यवस्था के आधार पर उत्साह, उमंग और जोश के साथ सुखी, सम्पन्न एवं यशोमय जीवन आधारित सामाजिक व्यवस्था की पुनर्स्थापना करना।
इस कार्यक्रम में आर्य जगत के उच्चकोटि के सन्यासी, विद्वान, भजनोपदेशक एवं अतिथिगण पधार रहे हैं। अतः आप सभी से अनुरोध है कि सपरिवार, इष्टमित्रों सहित पधार कर धर्मलाभ प्राप्त करें तथा यथा सामर्थ्य तन, मन, धन का सहयोग देकर गुरुकुलोत्थान में सहयोगी बनें।

आमंत्रित विद्वान :-
ओजस्वी युवा विद्वान – श्री गौतम खट्टर, हरिद्वार
ओजस्वी युवा भजनोपदेशक – श्री पण्डित प्रदीप शास्त्री, फरीदाबाद,
श्रीमती ज्योति महलावत, जयपुर
दैनिक कार्यक्रम
योग शिविर – प्रातः 5 बजे से
देवयज्ञ, भजन, प्रवचन – प्रातः 8 बजे से
विविध सम्मेलन -मध्याह्म 2 बजे से
ब्रह्मयज्ञ, विशेष संगोष्ठियाँ – सायं 6:30 बजे से
विशेष :- 17 अक्टूबर मध्याहनोत्तर १ बजे से गुरुकुल राजघाट के बहह्मचारियों द्वारा विशेष व्यायाम एवं शस्त्रास्त का प्रदर्शन प्रदर्शित किया जायेगा ।
सम्पर्क सूत्र – 9411488209, 9163013246, 9758004225, 8273209702
जावित्री एडवर्टाईजर नरौरा 9358466564
पथ निर्देश- अलीगढ़-बरेली रेलवे लाईन पर “राजघाट नरौरा” स्टेशन पर उतरना है, स्टेशन से गंगाघाट की ओर गुरुकुल स्थित है।










