ईश्वर का वास्तविक स्वरुप कैसा है

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आमंत्रण पत्र

वेद, दर्शन, उपनिषद आदि ग्रन्थों पर आधारित अ‌द्भुत व दार्शनिक सत्संग में आपका हार्दिक स्वागत है।

स्थान : पावन धाम

दुरदर्शन रिले केन्द्र के पास, रेलवे स्टेशन दिनांक 19 अप्रैल 2024 से 24 अप्रैल 2024 तक समय : प्रातः 8 बजे से 9.15 बजे तक सायं 7.30 से 9 बजे तक।

वैदिक प्रवक्ता पूज्य स्वामी विवेकानन्दजी परिव्राजक निदेशक : दर्शकयोग महाविद्यालय, रोजड़ (गुजरात)

मुख्य विषय : ईश्वर का वास्तविक स्वरुप कैसा है मनुष्य जीवन की पूर्ण सफलता किसमें है? मैं कौन हूं? मोक्ष क्या, क्यों, कैसे?

कर्मफल सिद्धान्त, ईश्वर भक्ति की आवश्कता क्यों है? त्रैतवाद क्या है? शंका समाधान आदि

पुज्य स्वामीजी अनेक वैदिक संस्थाओं से पुरुस्कार व सम्मान प्राप्त कर चुकें है।

पुज्य स्वामी विवेकानन्दजी द्वारा रचित साहित्य

उत्कृष्ट शंका समाधान, सुखी गृहस्थ, तनाव मुक्ति, दर्शनसार, तत्वज्ञान, दुख का कारण और निवारण, अपने भाग्यनिर्माता आप, जीवन उपयोगी संदेश, संतान निर्माण, सत्य बोलने के लाभ, झूठ बोलने से हानियां, बाल संदेश आदि।

(आप अपनी आध्यात्मिक शंकाऐं लिखित रुप में दे सकते हैं)

नम्र निवेदन – इस पावन ज्ञान गंगा में स्नान करके अपने जीवन को धन्य बनायें।

निवेदनकर्ता : आर्य समाज, सरदारशहर

श्री रामलाल हस्चन् दानी (सौम्य मुनि) श्रीमती कमला हस्चन् दानी (विशोका मुनि)

अशोक हरचनदानी, संदीप हरचनदानी, संजय हरचनदानी, ओमजी जांगिड़, घनश्यामजी शर्मा अशोक प्रेमाणी, नरेन्द्र हरचनदानी, राजाराम आर्य, भागीरथ खेड़िवाल, संतलाल दर्जी

सम्पर्क : 9828475802, 9351510841, 9414394941, 9414394908