बालिका चरित्र निर्माण एवं तृतीय नेत्र विकास शिविर का आयोजन : रोजड़, गुजरात

0
29

बालिका चरित्र निर्माण एवं तृतीय-नेत्र विकास शिविर – 2026

📅 तिथि: 18 से 24 मार्च 2026
💰 शिविर शुल्क: ₹2500/-
(द्वि-दिवसीय तृतीय-नेत्र कार्यशाला एवं किट शुल्क ₹1000/- शिविर शुल्क में सम्मिलित)

📍 आयोजन स्थल:
वानप्रस्थ साधक आश्रम
आर्यवन, रोजड़, ता.-तलोद, जिला साबरकांठा, गुजरात – 383307
📞 9116356961 | 8290896378


आवेदन लिंक


बालिका चरित्र निर्माण एवं तृतीय-नेत्र विकास शिविर

प्रसन्नता का विषय है कि वैदिक ज्ञान सिद्धान्त ध्यान साधना और अध्यात्म को समर्पित संस्थान वानप्रस्थ साधक आश्रम में 12 से 25 वर्ष की किशोरियों व नवयुवतियों के व्यक्तित्व निर्माण हेतु 18 से 24 मार्च 2026 तक एक बहु-आयामी व्यक्तित्व निर्माण एवं तृतीय-नेत्र विकास शिविर का आयोजन किया जा रहा है।
शिविर का उद्देश्य बच्चियों को स्वास्थ्य संबंधी अच्छी आदतें बनवाना, मानसिक एकाग्रता प्राप्त कर पढ़ाई में उन्नति करने के लिए प्रेरित करना, अपने माता-पिता आदि के प्रति आदरपूर्वक व्यवहार रखने की भावना उत्पन्न करना है।
प्रतिस्पर्धा के इस युग में हमारी युवा पीढ़ी चिंता और अवसाद से भी ग्रसित हो रही है। माता-पिता, भाई-बहन, पारिवार के अन्य बड़ों, अध्यापक आदि के प्रति अनादर का व्यवहार अधिक करने लगी है। अनेक ऐसी आदतें अपनाने लगी है जिससे उनके स्वास्थ्य और भावी जीवन पर अनेक दुष्परिणाम पड़ते हैं।
ऐसी कुछ समस्याओं को ध्यान में रखते हुए संस्था के द्वारा किशोरियों व नवयुवतियों के मार्गदर्शन हेतु इस शिविर का आयोजन किया जा रहा है। प्रातःकाल 5.30 से लेकर रात्रि 9.30 तक की दिनचर्या में योगासन, प्राणायाम, प्राचीन भारतीय व्यायाम, सर्वांग-सुंदर-व्यायाम, मलखम्ब आदि व्यायाम के द्वारा शारीरिक प्रशिक्षण, ध्यान, यज्ञ, बौद्धिक कक्षाओं आदि के द्वारा मानसिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
शिविर के प्रारम्भिक 2 दिन 19 व 20 मार्च तृतीय-नेत्र विकास कार्यशाला के लिए आरक्षित हैं जिसमें ईश्वर प्रदत्त दो भौतिक नेत्रों के अतिरिक्त अन्य शक्तियों से वस्तु को देखने, एकाग्रता, स्मृतिवृद्धि आदि करने के लिए प्रशिक्षण मार्गदर्शन दिया जाएगा। इससे अंतर्मुखिवृत्ति, आंतरिक शांति आदि आध्यात्मिक लाभ भी होते हैं।


शिविर का उद्देश्य

यह विशेष शिविर 12 से 25 वर्ष की किशोरियों एवं नवयुवतियों के समग्र विकास हेतु आयोजित किया जा रहा है। इसका लक्ष्य है—

  • शिविर का उद्देश्य
  • तृतीय-नेत्र विकास कार्यशाला
  • बौद्धिक उन्नति
  • मानसिक एकाग्रता
  • सकारात्मक दृष्टिकोण
  • बड़ों के प्रति आदरपूर्वक व्यवहार की शिक्षा
  • स्वास्थ्य संबंधी अच्छी आदतें बनवाना

12 से 25 वर्ष की किशोरी व नवयुवतियों के लिए प्रातःकाल 5.30 बजे से लेकर रात्रि 9.30 की दिनचर्या। द्वि-दिवसीय तृतीय-नेत्र विकास कार्यशाला। योगासन, प्राणायाम, प्राचीन भारतीय व्यायाम, मल्लखम्ब आदि व्यायाम के द्वारा शारीरिक प्रशिक्षण। ध्यान, यज्ञ, बौद्धिक कक्षाओं आदि के द्वारा मानसिक प्रशिक्षण।

द्वि-दिवसीय तृतीय-नेत्र विकास कार्यशाला

  • नेत्रों के अतिरिक्त अन्य शक्तियों से वस्तु को देखने का प्रशिक्षण
  • निर्देशन – श्री अरविन्द राणा, गांधीनगर
  • एकाग्रता, स्मृतिवृद्धि आदि के बाह्य लाभ
  • अंतर्मुखिवृत्ति, आंतरिक शांति आदि आध्यात्मिक लाभ
  • कई वस्तुओं का एक किट एक महीना अभ्यास के लिए लिंक सब्सक्रिप्शन
  • किट और कार्यशाला का शुल्क ₹1000/- शिविर शुल्क में सम्मिलित.

🎓 निर्देशन: श्री अरविन्द राणा, गांधीनगर

आयोजन स्थल – वानप्रस्थ साधक आश्रम

आर्यवन, रोजड़, त.-तलोद, साबरकांठा, गुजरात-383307 9116356961, 8290896378.


🎶🎵मधुर भजन सुनने के लिए यहाँ क्लिक करे 👇🎵🎶