युवा चरित्र निर्माण एवं आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर : भिलाई (छत्तीसगढ़)

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युवा चरित्र निर्माण शिविर : छत्तीसगढ़ 2025

संभागीय शीतकालीन युवा चरित्र निर्माण एवं आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर – 2025

महर्षि दयानन्द सरस्वती जी की 200वीं जयंती तथा
आर्य समाज स्थापना के 150वें वर्ष के पावन उपलक्ष्य में
युवाओं के सर्वांगीण विकास हेतु विशेष शिविर

दिनांक : 21 से 28 दिसम्बर 2025
स्थान : आर्य समाज मंदिर, सेक्टर-6, भिलाई (छ.ग.)


शिविर का उद्देश्य

इस विशेष शिविर का लक्ष्य युवाओं में—
✔ चरित्र निर्माण
✔ मानसिक, बौद्धिक एवं आध्यात्मिक विकास
✔ वैदिक विचारधारा का संस्कार
✔ शारीरिक दक्षता व आत्मरक्षा कौशल
✔ व्यक्तित्व एवं संवाद कौशल विकास
✔ यज्ञ प्रशिक्षण
✔ राष्ट्रीयता एवं कर्तव्यनिष्ठा का संचार
इन सभी गुणों का विकास कर उन्हें आदर्श, जिम्मेदार और समाजोपयोगी नागरिक बनाना है।


आयोजक – आर्य समाज मंदिर, सेक्टर 6 भिलाई (छ.ग.)

प्रधान: श्री अवनीभूषण पुरंग
मंत्री: श्री प्रवीण गुप्ता
उपप्रधान: श्री रवि आर्य
कोषाध्यक्ष: श्री अरुण ग्रोवर


आशीर्वाद – छत्तीसगढ़ प्रांतीय आर्य प्रतिनिधि सभा

प्रधान: श्री जोगी राम आर्य
मंत्री: श्री अवनीभूषण पुरंग
उपप्रधान: श्री रामनिवास गुप्ता
कोषाध्यक्ष: श्री योगी राम साहू


आर्यवीर दल छत्तीसगढ़

प्रांतीय संचालक: डॉ. रामकुमार पटेल
प्रांतीय मंत्री: डॉ. वेदव्रत आर्य

आर्य वीरांगना दल छत्तीसगढ़

प्रांतीय संचालिका : श्रीमती गीता आर्य
प्रांतीय मंत्राणी : कुमारी कविता आर्या


वैदिक विद्वान एवं शिविर नेतृत्व

शिविराध्यक्ष : ब्रह्मचारी संदीप आर्य
धर्माचार्य : आचार्य अंकित शर्मा
वैदिक विद्वान : डॉ. अजय आर्य
वेद प्रचार अधिकारी : आचार्य दिलीप आर्य


प्रबंधक

प्रा. आर्यवीर दल अधिष्ठाता: श्री कान्हुराम गुप्ता
आर्यवीर दल अधिष्ठाता: श्री राजकुमार भल्ला
कार्यालय मंत्री: कृष्णमुर्ति आर्य


व्यायाम शिक्षक/शिक्षिका

– डिम्पल आर्य
– कविता आर्या

प्रचार मंत्री: तुषार आर्य
आर्यवीर/वीरांगना दल दुर्ग–भिलाई


संपर्क करें

📞 कृष्णमूर्ति आर्य – 9131222030
📞 तुषार आर्य – 6265740840
📞 साक्षी आर्या – 6263473977,

कविता आर्या – 9753461642


माता–पिता का कर्तव्य

अपने बच्चों को केवल भौतिक शिक्षा ही नहीं, बल्कि वैदिक, बौद्धिक और शारीरिक शिक्षा प्रदान करना भी आवश्यक है।
उन्हें बलवान, बुद्धिमान, संस्कारवान और अनुशासित बनाना ही सच्चा प्रेम है।

जब बालक शास्त्र और शस्त्र—दोनों का ज्ञान प्राप्त करता है,
तभी वह आदर्श चरित्र, आत्मबल और कर्तव्यनिष्ठा से परिपूर्ण होता है।

अपने पुत्र-पुत्रियों का भविष्य उज्ज्वल बनाने हेतु
उन्हें आर्यवीर दल द्वारा आयोजित इस विशेष शिविर में अवश्य भेजें।


बच्चें सीखेंगे:-

  1. सर्वांग सुंदर व्यायाम, 2. सूर्य नमस्कार. 3. भूमि नमस्कार. 4. नियुद्धम (जूडो कराटें), 5. डम्बल, 6. 7. लाठी, 8. भाला. १. सैनिक शिक्षा 10. घोष बैंड 11. आत्मरक्षा (सेल्फ डिफेन्स) 12. लेजियम, छुरिका. 13. योग आसन 14. प्राणायाम, 15. विभिन्न प्रकार के सुंदर कलायें, 16. मंच संचालन क्षमता 17. आत्मविश्वास

शिविरार्थियों हेतु निर्देश

  1. शिविरार्थी की आयु 14 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए।
  2. शिविर शुल्क ₹200 प्रति शिविरार्थी। एक पासपोर्ट आकार का फोटो अनिवार्य।
  3. कोई कीमती सामान न लाएँ – मोबाइल, घड़ी, चेन, ईयरफोन, टैब आदि।
  4. गरम कपड़े, कम्बल व बेडशीट, कॉपी, पेन अवश्य लाएँ।
  5. सभी शिविरार्थी 20 दिसम्बर 2025 दिन शनिवार को शाम तक शिविर स्थल अवश्य पहुंच जाएँ।
  6. शिविर गणवेश –
    आर्यवीर – सफेद शर्ट, खाकी हाफ पैंट, सफेद जूते मोजे, सफेद सेन्डो बनियान साथ लाएँगे।
    आर्य वीरांगना – सफेद कुर्ती सलवार, सफेद जूता, मोजा, केसरी दुपट्‌ट्टा साथ लाएँगी।
  7. सभी शिविरार्थी 21 दिसम्बर को दोपहर भोजन से पहले शिविर स्थल पहुँचें।
  8. यदि कोई विशेष दवाई लेते हैं तो साथ लाना अनिवार्य है।
  9. अतिरिक्त राशि प्रथम दिन शिविर बैंक में जमा करें; राशि शिविर समाप्ति पर लौटाई जाएगी।
  10. सभी शिविरार्थियों को शिविर की अनुशासन एवं दिनचर्या का पूर्ण पालन करना होगा।
  11. शिविर गणवेश –
    • आर्यवीर: खाकी निक्कर, सफेद टी-शर्ट, सफेद जूते व जुराब, बेल्ट
    • आर्य वीरांगना: सफेद कुर्ती–सलवार, सफेद जूते–मोजे, केसरी दुपट्टा

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