ये दिल तो दयानन्द को ही चाहता है
ऋषि गीत गाने को जी चाहता है ॥ ऋषि गीत…
तड़प थी ऋषिवर को वैदिक धर्म की
रगों में बहाने के जी चाहता है ॥ ऋषि गीत…
हुई एक मुद्दत बुझा एक दीपक
चन्द आँसू बहाने को जी चाहता है ॥ ऋषि गीत…
निगाहों से ओझल हुए हैं दयानन्द
तसव्वुर में लाने को जी चाहता है ॥ ऋषि गीत…
जिये भी मरे भी वो दुनियाँ की खातिर
हकीकत बताने को जी चाहता है ॥ ऋषि गीत…
क्षमा त्याग सेवा दया का वो जज्बा
ज़माने में लाने को जी चाहता है ॥ ऋषि गीत…










