हृदय से करो प्रभु को प्यार, पालन पोषण रक्षण करता
वो ही तारनहार ॥ हृदय से करो…
उस ईश्वर से अलग ना होना। जिसके हम अनुयायी ॥
पृथ्वी से आकाश तलक । हर तत्व परम सुखदाई ॥
गतिमान ये विश्व है सारा ।
जिसका प्रभु आधार ॥ हृदय से करो…
ना छुपकर कोई पाप कर सके, पाप बड़ा दुःखदाई । ये ब्रह्माण्ड ही देह प्रभु का ॥
कण कण उससे प्रभावी । क्यों न करे शुभ कर्म वे मनवा ॥
पुण्य ही सुख का सार ॥ हृदय से करो…
ना कर कोई भरम प्रभु पर, कर विश्वास सदा ही
उसकी भक्ति से जाने मन, उसकी ही प्रभुताई
साधक तो आनन्द विभोर हो
छि मन के तार ॥ हृदय से !!
(अनुवादी) अनुसरण करनेवाला (प्रभुताई) बहप्प










