राष्ट्र हितैषी उन्नायक सद् प्रेरक अंग महान देश का ।

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राष्ट्र हितैषी उन्नायक सद् प्रेरक अंग महान देश का ।

राष्ट्र हितैषी उन्नायक सद्,
प्रेरक अंग महान देश का ।
शिक्षक है वरदान देश का,
शिक्षक है भगवान देश का ।।

इनके पद रज का कर चंदन,
झुकझुक हम करते पद वंदन ।
मूक धूर्त वाचाल सुधारक,
निर्माता इंसान देश का ।।
शिक्षक है वरदान……।।

आओ हम सब शीश झुकाए,
बन उत्तम कुछ कल दिखलाएं ।
सफल तभी तो हो सकता है,
राष्ट्रभक्ति के जयगान देश का ।।
शिक्षक है वरदान…..।।

अर्पित हृदय सुमन है करते,
बनेंगे उत्तम निश्चय करते ।
अपनाकर आदर्श करेंगे,
जीवन का उत्तधान देश का ।।
शिक्षक है वरदान…..।।

-लेखक एवम् सम्पादक
पं० रामदेव प्रसाद शास्त्री
संस्थापक प्रधानाचार्य, दयानन्द आर्य विद्यालय
वेदोपदेशक,आर्य समाज मंदिर डाल्टनगंज
Email – ramdeoprasadshastri@gmail.com