मेरे प्राणा धार कहां को चल दिये
मेरे प्राणा धार कहां को चल दिये,
होकर के तैयार कहां को चल दिये।। टेक ।।
केशरी लिवास धारा अंग में,
बांधकर हथियार कहां को चल दिये।।1।।
जंगी बाजा बज रहा है साथ में,
सेना बेशुमार कहां को चल दिये।।2।।
देख करके ढंग दंग हो गई,
अच्छे ना आसार कहां को चल दिये।।3।।
समझाओ हालत प्रेमी बात क्या,
प्रार्थना हर बार कहां को चल दिये।।4।।










