आधार प्रभु तेरा हर काल दिशाओं में

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आधार प्रभु तेरा हर काल दिशाओं में

तर्ज: क्या साथ मेरा दोगे

आधार प्रभु तेरा हर काल दिशाओं में
तेरे चरणों में तेरी प्रीत की छाँवों में ॥ आधार प्रभु..

जीवन में बहूँ आगे, खुद अपने इरादों से

सच्चाई हो जीवन में, रहूँ दूर मैं पापों से

हर एक कदम रखूँ, सत्कर्मों की राहों में ॥ आया तेरे…

स्वार्थ को तजूँ मन से, परहित में लगे तनमन

बढ़े त्याग की ओर कदम, हों दूर विकारों से

हर पल हो रहम और प्यार, दिल और निगाहों में ॥ आया तेरे…

चरणों का पुजारी हूँ, तेरे दर का भिखारी हूँ

प्रभु तू है महादानी, तुझपर बलिहारी हूँ

हारूँ ना प्रभु बाजी, जीवन के दावों में ॥ आया तेरे…

(विकार) विकृत रूप, प्रलोभन, दोष, अवगुण

(बलिहारी) श्रद्धा भक्ति प्रेम आदि के कारण अपने को न्यौछावर करना