आपकी कृपा से हम कुछ-कुछ ज्ञान पा गये
आपकी कृपा से हम
कुछ-कुछ ज्ञान पा गये
ज्ञानी हैं आप प्रकाश-पुञ्ज
आत्मा की ज्योत जगा गये
आपकी कृपा से हम
इक ओर रात की केंचुली
दूजी है चञ्चल जागृत किरण
गतिमान है उसका पुरुषार्थ
धर्मप्रकाश ना परिमित रहे
आपकी कृपा से हम
कुछ-कुछ ज्ञान पा गये
ज्ञानी हैं आप प्रकाश-पुञ्ज
आत्मा की ज्योत जगा गये
आपकी कृपा से हम
धर्म-प्रकाश का गति विस्तार
वेद-प्रचार भी विस्तृत रहे
सन्देश-भावना वेद की
ज्ञान प्रचार-प्रसार करे
आपकी कृपा से हम
हे वेद दाता परमेश्वर!
दीजिए अपना ज्ञान हमें
गति, मति, आचार, विहार
हाव-भाव पूर्ण रहे
आपकी कृपा से हम
कुछ-कुछ ज्ञान पा गये
ज्ञानी हैं आप प्रकाश-पुञ्ज
आत्मा की ज्योत जगा गये
आपकी कृपा से हम










