बसा लूँ प्रभु प्यार मन में तेरा

0
12

बसा लूँ प्रभु प्यार मन में तेरा

तर्ज: छुपा लूँ यूँ दिल में प्यार तेरा

बसा लूँ प्रभु प्यार मन में तेरा

बसी है खुशबू जैसे सुमन की

यूँ बन के साथी रहूँ मैं तेरा

है मीन जैसे नदी के जल की ॥ बसा लूँ प्रभु ..

है भाग्य मेरा मिला है नरतन
लगाया इसमें ये मन का दर्पण रखूँ अगर साफ मैं जतन से
तो देखें ज्योति प्रभु किरण की ॥ बसा लूँ प्रभु….

हे साँसों में प्रभुजी तेरी ही धड़कन
जो गाती रहती तेरी ही सरगम
तुझे बना लूँ मैं अपना प्रीतम
हैं आस मुझको तेरे मिलने की ॥ बसा लूँ प्रभु ..

शरण भी तेरी तेरे ही चरनन
दया में तेरी जिऊँगा हरदम
मैं वाएँ तुझपे मेरा ये तन मन
है भक्ति जागी तेरे भजन की ॥ बसा लूँ प्रभु…

जो कुछ है मेरा करूँ समर्पण
केवल मैं पाऊँ तेरा रतन धन
बिना तेरे क्या है मेरा जीवन
है प्रीत तुझसे जनम जनम की ॥ बसा लूँ प्रभु …