चल कर ले नमस्कार द्वार आया तेरा बनड़ा
चल कर ले नमस्कार,
द्वार आया तेरा बनड़ा,
बदन साल सा पौरा,
है रंग का गोरा-गोरा,
कैसा चन्दा की हुन हार,
द्वार आया तेरा बनड़ा।।1।।
गोल-गोल चेहरा,
चेहरे के ऊपर सेहरा,
कैसी छाई अजब बहार,
द्वार आया तेरा बनड़ा।।2।।
हाथों में थाल उठा लो,
मत देर करो झट चालो,
सब करने को सत्कार,
द्वार आया तेरा बनड़ा।।3।।
यह खूब करी चतुराई,
रंग ढंग में जोट मिलाई,
पति पत्नी की इक सार,
द्वारा आया तेरा बनड़ा।।4।।
प्रेमी जय माल उठाकर,
खुश होकर हाथ बढ़ाकर,
साजन के गले में डार,
द्वार आया तेरा बनड़ा ।।5।।










