मन मोरे प्रभु शरण में आजा ॥ जो भी तेरे दर पे आया
खाली हाथ नहीं लौटाया
बाँध ले प्रीती जोड़ ले नाता
प्रभु दर छोड़ तू ना जा ॥ प्रभु शरण में…
जिसने जीवन शुद्ध बनाया
दुष्कर्मों को दूर हटाया
सत्कर्मों की बाँधी गठरिया
खोल के देखें दाता ॥ प्रभु शरण में…
इक भक्ति का गीत जो गाया
परमानन्द सुधा रस पाया भक्तिभाव के मन मन्दिर में
प्रेम का दीप जला जा ॥ प्रभु शरण में…










