एक समय ऐसा था भारत थी सोने की चिड़िया
आओ मिल समृद्ध बनाएँ अपना प्यारा इन्डिया ॥
गाँव गाँव में हरियाली हो बाँध नदी में पानी हो
धन और धान्य की दीवाली हो खेतों में खुशहाली हो
पूरे हो अरमाँ किसान के आँख में चमके खुशियाँ ॥ आओ मिल…
देश की रक्षा में सैनिक हों धीर वीर अर्जुन की भाँति
अविष्कारों से वैज्ञानिक लाएँ देश में अद्भुत क्रान्ति
अतिक्रमण जो करे शत्रु उड़ जाएँ उनकी धज्जियाँ ॥ आओ मिल..
कल कारखाने और मिलों की देश में कहीं कमी ना हो
देश में हो उत्पादन इतना भीख की नौबत कभी ना हो
देश का रथ हो चाँदी का और सोने का पहिया ॥ आओ मिल…
सच्चे नेता नेतृत्व करें और देश में कभी उठे ना भ्रांति,
अपने सब कर्तव्य समझकर वो लाएँ सुख और शान्ति
एक सूत्र में बाँधे सबको जोड़ें प्रेम की कड़ियाँ ॥ आओ मिल…
विविध रूप में एक रूपता यही दर्शन है भारत का
यहीं जन्म ले हमने सीखा पाठ सदा निस्वार्थ का
हे मातृभूमि हम धन्य हों तेरे पुत्र और पुत्रियाँ ॥ आओ मिल….
आओ फिर से राम राज्य को धरती पर ले आएँ
मानव को मानव से जोड़े सत्य धर्म अपनाएँ
देश का नाम उजागर कर ऋण माटी का चुकाएँ
सत्ता भारत की मानेंगे, यूएस, चायना, रशिया ॥ आओ मिल….










