ये दीपक जलाने का दिन आ गया है

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ये दीपक जलाने का दिन आ गया है

ये दीपक जलाने का दिन आ गया है
खुशियाँ मनाने का दिन आ गया है।।
दीवाली मुबारक, ऐ संसार वालो !
अंधेरा भगाने का दिन आ गया है।।

इसी दिन ऋषिवर ने चोला था त्यागा
प्रभु से मिलने का दिन आ गया है।।
उठो आर्यो ! ऋषि ऋण को चुका दो।
ऋषि-ऋण चुकाने का दिन आ गया है।।

खतम हों कुरान और पुराणों के चर्चे।
कि वेद मन्त्र गाने का दिन आ गया है।।
धरम वेद ही एक है सच्चा सनातन ।
जहां को बताने का दिन आ गया है।।

उठो, जग में वेदों का डंका बजा दो।
कि जौहर दिखाने का दिन आ गया है।।