मधुर गीत गीता के गाए चला जा।

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मधुर गीत गीता के गाए चला जा।

मधुर गीत गीता के गाए चला जा।
जन्म मृत्यु बंधन मिटाए चला जा।
अलौकिक है यह गीता और गीतावाला।
जिसे जान अर्जुन ने मन को संभाला।
उसी राह पर पग बढ़ाए चला जा।।
मधुर गीत….

अमर आत्मा है बताती है गीता।
यह है पुण्य तीर्थ है पावन पुनीता।
इसी में तू तन मन नहलाए चला जा।।
मधुर गीत….

प्रभुमय है यह विश्व सारे का सारा।
है घट घट में कण-कण में उसका पसारा।
उसी पै यह जीवन लुटाए चला जा।।
मधुर गीत…

करो कर्म कर दो प्रभु के हवाले।
पिये जाओ प्रभु प्रेम भक्ति के प्याले।
हो ब्रह्मनिष्ठ आनन्द उड़ाए चला जा।।
मधुर गीत….