“अंतराष्ट्रीय स्तर की महिला प्रशिक्षक एवम विद्वान देंगे बालिकाओं को शारीरिक एवम चारित्रिक विकास हेतु प्रशिक्षण।
महाराजपुर: वर्तमान में महिलाओं एवं बच्चियों पर हो रहे अत्याचार,दुर्व्यवहार, हमले एवं शोषण को देखते हुए आर्य समाज महाराजपुर महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए आर्य वीरांगना चरित्र निर्माण एवं व्यक्तित्व विकास शिविर 8 से 14 जून सात दिवसीय पूर्ण आवासीय शिविर लगाने जा रहा है इस शिविर में 12 से 30 वर्ष की बच्चियों महिलाएं भाग ले सकती हैं। शिविर पूर्णता निशुल्क रखा गया है
जिसमें बालिकाओं को प्रतिदिन सुबह का नाश्ता, दोनों समय का भोजन, दोपहर का जलपान एवं रात्रि में दूध की व्यवस्था रहेगी। प्रशिक्षण में भाग लेने के लिए बच्चियों को मात्र ₹100 में अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा। रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि 5 जून रखी गई है। बच्चियों को उत्तम व्यवस्था प्रदान करने के उद्देश्य से शिविर में बालिकाओं के लिए स्थान सीमित रखे गए हैं। शिविर में अंतर्राष्ट्रीय प्रवक्ता, विदुषी महिलाएं एवं प्रशिक्षक प्रशिक्षण देने के लिए आ रहे हैं ।
आर्यसमाज के प्रधान उमेश आर्य ने बताया कि उक्त महिला शिविर में किसी भी पुरुष वर्ग का जाना पूर्णतः वर्जित रहेगा। शिविर का संचालन महिला समिति करेगी। जिसके लिए 24 मई को सायंकाल 05 बजे आर्यसमाज महराजपुर की महिला समिति की मीटिंग आर्यसमाज में आयोजित हुई।जिसमें प्रमुख रूप से श्रीमती सुनीता चौरसिया, श्रीमती सुषमा चौरसिया, श्रीमती विनीता चौरसिया, श्रीमती भारती चौरसिया, श्रीमती आरती चौरसिया, श्रीमती सपना चौरसिया, श्रीमती कांति चौरसिया, श्रीमती विमला चौरसिया, श्रीमती विद्या देवी चौरसिया, श्रीमती पूनम चौरसिया आदि महिलाशक्ति उपस्थित रही।
उक्त मीटिंग में शिविर के विधिवत संचालन हेतु विभिन्न प्रकार की समितियो का गठन किया गया एवम महिलाओं को प्रभार सौपे गए। शिविर के लिए सारी तैयारियां लगभग पूर्ण कर ली गई है। जो बच्चियां इस शिविर में भाग लेंगी उन के लिए दो प्रकार की यूनिफॉर्म ड्रेस निर्धारित की गई है। जिसमें बालिकाओं हेतु काला लोअर एवं सफेद टीशर्ट तथा महिलाओं के लिए सफेद सलवार कुर्ता के साथ नारंगी दुपट्टा रहेगा। बालिकाओं के इस शिविर में प्रधान शिक्षिका नई दिल्ली से अभिलाषा आर्य रहेगी जो शिविरार्थियों को आत्मरक्षा के गुण, जूड़ोकराते, कुंगफू, लाठी, तलवार छुरी भाला आदि चलाने की कलाएं एवम इनके प्रहार से बचने के तरीके सिखायेगी।
इसके अलावा सेना एवम पुलिस जॉब में जाने की इक्छुक बालिकाओं हेतु आर्मी एवम पुलिस ट्रेनिग का अभ्यास कराया जाएगा। शिविरार्थियों को चारित्रिक विकास (बौद्धिक) के लिये रिमार से प्रोफेसर ज्योत्स्ना द्विवेदी जी नईदिल्ली से आचार्य सत्यम जी आर्य अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के विद्वान प्रशिक्षण देने आ रहे है। शिविर पूर्ण अनुशासन में चलेगा, महिलाओं एवं बालिकाओं को शिविर प्रभारी एवम उनके माता पिता परिवार की आज्ञा पर विशेष परिस्थिति में कुछ समय के लिए शिविर से जाने की अनुमति रहेगी। कन्याओं/बालिकाओं का यह शिविर राष्ट्र निर्माण का पवित्र कार्य है।
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