उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान द्वारा संस्कृत संगोष्ठी संपन्न

0
17

प्रकाशनार्थ समाचार

उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान द्वारा संस्कृत संगोष्ठी संपन्न

संस्कृत,भारत को एकता के सूत्र में बाँधती है-डा भगवान देव

संस्कृत का ज्ञान भारतीय दर्शन में निपुण होने के लिए आवश्यक -डा प्रतिभा सिंघल

गाजियाबाद,रविवार,18-5-2025 को उ.प्र. संस्कृत संस्थानम् लखनऊ (भाषा विभाग उ.प्र. शासन के नियंत्रणाधीन) एवं आर्य समाज, पुराना गांधी नगर,गाजियाबाद के संयुक्त तत्वावधान में आधुनिक सन्दर्भ में संस्कृत की उपयोगिता विषय पर संगोष्ठी का आयोजन वेद पाठ,प्रार्थना तथा दीप प्रज्ज्वलित कर समाज के सभागार में किया गया।

योगी प्रवीण आर्य एवं मा.हरवीर सिंह के मधुर भजनों को सुनकर श्रोता मंत्र मुग्ध हो गए।

मुख्य वक्ता डा भगवान देव आचार्य ने कहा कि संस्कृत,भारत को एकता के सूत्र में बाँधती है।संस्कृत का साहित्य अत्यन्त प्राचीन,विशाल और विविधतापूर्ण है।इसमें अध्यात्म, दर्शन,ज्ञान-विज्ञान और साहित्य का खजाना है।इसके अध्ययन से ज्ञान-विज्ञान के क्षेत्र में प्रगति को बढ़ावा मिलेगा।

कु. प्रियंका ने कहा कि वेद मंत्र के गायन एवं संस्कृत में बात करने से व्यक्ति को ब्लड प्रेशर, मधुमेह,सिर दर्द और मस्तिष्क रोग से जूझने में सहायता मिल सकती है।

मुख्य अतिथि के रूप में पधारे डा आर के आर्य (निदेशक,स्वदेशी शुद्ध आयुर्वेदा) एवं श्रीमती संतोष आर्या ने संस्कृत के विद्वानों एवं विदुषीयों क़ो शाल ओढाकर, पीतवस्त्र पहनाकर एवं प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया तथा आयोजकों की सुन्दर कार्यक्रम के लिए भूरी भूरी प्रशंशा की। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि संस्कृत संस्कृति संश्लेषण और आत्मसात की संस्कृति है,जो मानवतावाद,शांति और आपसी समझ का संदेश फैलाती है।

इस अवसर पर संस्कृत विद्वान डॉक्टर देव शर्मा ने आधुनिक संदर्भ में संस्कृत की उपयोगिता विषय पर अपने विचार रखें एवं संस्कृत विद्वान आचार्य खेमचंद शर्मा ने अपना उद्बोधन धारा प्रवाह संस्कृत में दिया।

डा प्रतिभा सिंघल ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि संस्कृत का ज्ञान भारतीय दर्शन,योग और वैदिक गणित जैसे विषयों में निपुण होने के लिए आवश्यक है।

मंच का कुशल संचालन कार्यक्रम संयोजक डॉ अग्नि देव शास्त्री (प्रशिक्षक,उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान) द्वारा किया गया।

आर्य समाज गांधीनगर के मंत्री वेदव्यास ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

इस अवसर पर मुख्य रूप से श्रीमती अन्नू महाजन,सत्यपाल आर्य,उदय प्रकाश गुप्त, नरेंद्र आर्य, डॉ प्रमोद सक्सेना,सत्य केतु सिंह एडवोकेट, वीणा सिंघल, रवि बब्बर आदि उपस्थित रहे।

शांति पाठ एवं प्रीतिभोज के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।

साभार –
प्रवीण आर्य,

🎶🎵मधुर भजन सुनने के लिए यहाँ क्लिक करे 👇🎵🎶