स्थान: आर्यसमाज, वारंगल
महर्षि दयानंद सरस्वती (1824–1883) के आदर्शों पर आधारित, वारंगल आर्यसमाज द्वारा सनातन धर्म, भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक जागरूकता और सामाजिक चिंतन पर आधारित एक विशेष सत्संग कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।
“सत्य को ग्रहण करने और असत्य को त्यागने के लिए सदैव तैयार रहना चाहिए” — इसी दिव्य संदेश के साथ समाज के हर वर्ग को जागरूक करने का यह प्रयास आरंभ किया गया है।
कार्यक्रम विवरण
🔹 हर माह के पहले (1वें) और तीसरे (3वें) रविवार को
🔹 समय: शाम 5:00 बजे से रात 7:00 बजे तक
🔹 स्थान: आर्यसमाज मंदिर,
महर्षि दयानंद मार्ग (पिन्नावारी गली), वारंगल, तेलंगाना
🕉️ मुख्य आकर्षण:
📌 प्रसिद्ध विद्वानों और धर्मप्रेमियों के प्रेरक प्रवचन
📌 वेद, उपनिषद एवं सनातन साहित्य पर विशेष चर्चा
📌 युवाओं के लिए आधुनिक दृष्टिकोण से आध्यात्मिक मार्गदर्शन
📌 सामाजिक जागरूकता पर संवाद व विमर्श
आमंत्रित हैं
सभी धर्मप्रेमी, भारतीय संस्कृति में रुचि रखने वाले, समाजसेवी, छात्रवर्ग, युवावर्ग एवं जनसामान्य।
संपर्क सूत्र
📱 94419 33311 | 98854 43636 | 94405 22506 | 93916 53026
📌 कार्यालय नंबर: 0870-2565739
आयोजनकर्ता
बंडी किशन राव आर्य
माटेती लक्ष्मीनरसैय्या आर्य
वेदमुनि (गन्नु जयप्रकाश आर्य)
पदाधिकारी:
मंत्री | कोषाध्यक्ष | प्रधान
“नहि ज्ञानेन सदृशं पवित्रमिह विद्यते”
इस संसार में ज्ञान से बढ़कर कोई पवित्र वस्तु नहीं।
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