नादान बशर नादान बशर
तर्ज – महबूब मेरे – महबूब मेरे..
नादान बशर नादान बशर-2
संसार में सबका, दाता रखवाली है।
उसकी महिमा गाती, मैना मतवाली है।
मन मंदिर में ज्योति जला,
प्यारे ईश्वर की भक्ति
से हो पार “सचिन”,
उस सर्वेश्वर की मौजूद
है हर शै में,
ना कोई शै खाली है नादान बशर……
हीरा ये अनमोल रत्न,
जीवन तुझे दिया ऊपर
ये उपकार तेरे, कितना बड़ा किया
जग बाग है ये उसका,
वो दाता ही माली है नादान बशर……
जरें-जरें में व्यापक,
आता नहीं नज़र प्राणी-प्राणी की रखता,
हर पल की वो ख़बर
ये शज़र सभी है उसके,
और उसकी ही डाली है नादान बशर……










