राम राज्य में सकल पदार्थ कृष्ण राज्य में दूध और घी।
राम राज्य में सकल पदार्थ
कृष्ण राज्य में दूध और घी।
वर्तमान में ताता पानी
फूंक मारके प्यारे पी।। टेक ।।
पहले गलती छोटी हों थी
अब गलती हों बड़ी बड़ी।
ईंट का खोरा हल्दी में
आटे में मिला रहे सैल खड़ी।।
काली मिर्च में बीज पपीता
गुड़ में वस्तु सड़ी सड़ी।
तेल में सीरा और मसाले
अन्दर गधे की लीद पड़ी।।
सारी दवाईयों में है मिलावट
खाने वाले मर चाहे जी।।1।।
राम ने सीता हरने पर लंका
रावण की खाक करी।
आज कोई नहीं कान हिलाता
अनगिन सीता जायें हरी ।।
द्रोपदी का अपमान करन की
दुर्योधन ने नीयत धरी।
18 क्षौणी काट कृष्ण ने
कुरूक्षेत्र की भूमि भरी ।।
आज उसी दुष्कर्म को बतलाते हैं
हमारी संस्कृति ।।2।।
तामसिक भोजन करने लगे
अब सात्विक भोजन रहा नहीं।
इसीलिए तो आज किसी का
शुद्ध आचरण रहा नहीं।।
देख दुखी का दुख दुखी हों
वह कारूणिक मन रहा नहीं।
उलट पुलट हो गया जमाना
कहीं अनुशासन रहा नहीं।।
बड़ी तेजी के साथ देश की बुरी
तरह बरबादी की।।3।।
ना कहीं देखा और सुना है
ऐसा शासन बे ढंगा।
ईनाम चोर को सजा साघ
को चढ़ा दई उल्टी गंगा ।।
रोटी बिना पेट है खाली वस्त्र
बिन है तन नंगा।
ऋषियों के भारत का वाता
वरण बना दिया हुड़दंगा।।
रहे सहे की जड़ को फाड़ गयी
शोभाराम नेहरू की धी ।।4।।










