इस दुनिया के चक्कर में पाखण्डियों के मक्कर में
इस दुनिया के चक्कर में
पाखण्डियों के मक्कर में
मैनें सारी उम्र गंवाई रे,
मैं लुट गया राम दुहाई। टेक।
ज्योतिषी और नजूमी मुल्ला
पण्डे पोप पुजारी बेदर्दी से रहे
लूटते मुझको बारी बारी
एक से एक बढ़ चढके मिला,
मुझे धोखेबाज कसाई रे
मैं लूट गया राम दुहाई।।1।।
साधु सन्त महन्नत मण्डलेश्वर
ओघड़ और कनफाडे तीर्थ धाम
निकेतन मस्जिद दरगाह
और अखाड़े वेद विरूद्ध
मत के प्रसारक कहीं
ना मिली सच्चाई । ।2।।
जाति बन्धन के फिरके ने
फिर कर दिया में फाका,
लेकर नाम दहेज का ब्याह में,
घर में डाला डाका घर
जर हर कर फिर डर देकर
मेरी सुता जलाई। रेमैं०।।3।
कोई प्रेमी भीत पै लिख गया
मेरे घर के पास में आत्म शान्ति
पाने की विधि है सत्यार्थ प्रकाश में
पढ़ लिये चौदह समुल्लास
मैं जीने की सुद्धि आई। रेमैं ।।4।।










