जो बोले सो अभय, वैदिक धर्म की जय!
ओ३म
आर्य समाज अपने गौरवशाली 150 वर्षों की यात्रा पूरी कर रहा है। यह सिर्फ एक संगठन नहीं, बल्कि एक वैचारिक क्रांति है, जिसने भारतीय समाज में धर्म, शिक्षा, और सामाजिक सुधारों के माध्यम से जागरूकता लाई है। इस ऐतिहासिक अवसर पर हिसुआ (नवादा) स्थित आर्य समाज मंदिर में नव निर्मित भवन का भव्य उद्घाटन समारोह आयोजित किया जा रहा है।
इस शुभ अवसर पर दो दिवसीय वैदिक प्रवचन, हवन अनुष्ठान एवं महायज्ञ का भी आयोजन होगा, जिसमें विद्वानों, धर्माचार्यों और समाज के गणमान्य व्यक्तियों द्वारा प्रवचन एवं आध्यात्मिक विचार साझा किए जाएँगे।
आयोजन का विवरण
📅 तिथि: 31 मार्च – 1 अप्रैल 2025
📍 स्थान: आर्य समाज मंदिर, हिसुआ (नवादा)
विशेष कार्यक्रम
31 मार्च 2025 (दोपहर 2 बजे से)
- भव्य शोभायात्रा सह नगर भ्रमण
- आर्य समाज के अनुयायियों द्वारा वैदिक परंपरा को उजागर करने वाली शोभायात्रा निकाली जाएगी।
- नगर भ्रमण के दौरान वेदों के संदेश, भजन-कीर्तन एवं धर्म प्रचार किया जाएगा।
- समाज के सभी वर्गों को इस यात्रा में शामिल होने का अवसर मिलेगा।
1 अप्रैल 2025
- हवन, प्रवचन एवं महायज्ञ
- वैदिक रीति से हवन-यज्ञ का आयोजन किया जाएगा, जिससे वातावरण की शुद्धि एवं आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होगा।
- विद्वानों द्वारा वेद, उपनिषद एवं वैदिक ग्रंथों पर प्रवचन दिए जाएँगे।
- सामाजिक कुरीतियों पर विचार-विमर्श और आर्य समाज के सुधारवादी सिद्धांतों पर परिचर्चा होगी।
आयोजन का महत्व
यह आयोजन न केवल आर्य समाज के 150 वर्षों के गौरवशाली इतिहास का स्मरण कराएगा, बल्कि वैदिक संस्कृति को पुनर्जीवित करने का भी कार्य करेगा।
- वैदिक धर्म के प्रचार-प्रसार को बढ़ावा मिलेगा।
- नव युवा पीढ़ी को वैदिक शिक्षा एवं जीवन मूल्यों से अवगत कराने का अवसर मिलेगा।
- हवन एवं यज्ञ के माध्यम से पर्यावरण शुद्धि और आध्यात्मिक उन्नति होगी।
- समाज में एकता, सद्भाव और नैतिकता का संदेश प्रसारित होगा।
आयोजक
आर्य समाज परिवार, हिसुआ (नवादा)
इस पावन अवसर पर हम सभी श्रद्धालुओं, विद्वानों, आर्य समाजीजनों एवं स्थानीय जनसमुदाय से विनम्र अनुरोध करते हैं कि इस आयोजन में सहभागी बनकर इसे सफल बनाएं।
आइए, वैदिक धर्म और आर्य समाज के संदेश को जन-जन तक पहुँचाएँ!
धर्मो रक्षति रक्षितः
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