आर्य विद्या सभा, गुरुकुल आश्रम सलखिया, लैलूंगा (रायगढ़) के तत्वावधान में 1 मई 2025 से 7 मई 2025 तक एक सात दिवसीय आवासीय साधना स्वाध्याय शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इस शिविर का उद्देश्य आत्मज्ञान, योग, ध्यान, वैदिक सिद्धांतों और ऋषि परंपरा के अनुरूप जीवन जीने की कला को सीखना है।
शिविर का विवरण
तिथि: 1 मई 2025 से 7 मई 2025
स्थान: गुरुकुल आश्रम, सलखिया, लैलूंगा, रायगढ़ (छ.ग.)
शिविर शुल्क: ₹1000 प्रति व्यक्ति
पंजीयन की अंतिम तिथि: 20 अप्रैल 2025
शिविरार्थियों के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश:
- शिविरार्थी 30 अप्रैल 2025 की शाम 6 बजे तक गुरुकुल में अवश्य पहुँचें।
- शिविर की अवधि में घर जाने की अनुमति नहीं होगी।
- मोबाइल फोन का प्रयोग पूर्णतः वर्जित रहेगा।
- 15 वर्ष से कम आयु के व्यक्ति शिविर में भाग नहीं ले सकते।
- भोजन व आवास की संपूर्ण व्यवस्था गुरुकुल द्वारा की जाएगी।
- साबुन, तौलिया, टूथपेस्ट जैसी व्यक्तिगत उपयोग की वस्तुएँ स्वयं लेकर आएं।

शिविर में क्या मिलेगा?
इस शिविर में आत्मज्ञान और आध्यात्मिक उन्नति के लिए विभिन्न विषयों पर गहराई से चर्चा होगी, जिनमें शामिल हैं:
✔️ मनुष्य जन्म का उद्देश्य – हमें मनुष्य शरीर क्यों मिला?
✔️ विद्या और अविद्या – सच्चा ज्ञान क्या है और इससे हमें क्या लाभ होता है?
✔️ बंधन और मोक्ष – दुखों का कारण और उनसे छुटकारा पाने का उपाय।
✔️ योग और ध्यान – यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान, समाधि का गहन अध्ययन।
✔️ हवन का महत्व – हवन करने के लाभ और न करने से क्या हानि होती है?
✔️ वर्ण और आश्रम व्यवस्था – वैदिक समाज की मूलभूत व्यवस्था और इसे आज के जीवन में कैसे अपनाएं?
✔️ भविष्य की पीढ़ियों को संस्कारित करने के उपाय – अपने बच्चों और विद्यार्थियों को वैदिक संस्कारों से कैसे जोड़ा जाए?
विशेष मार्गदर्शन
इस शिविर में देश के प्रतिष्ठित विद्वानों एवं योगाचार्यों का सान्निध्य प्राप्त होगा:
- स्वामी आनंद स्वरूप जी (गुरुग्राम, हरियाणा)
- आचार्य धर्मवीर मुमुक्षु जी (सोनीपत, हरियाणा)
इन महानुभावों से मार्गदर्शन प्राप्त कर शिविरार्थी आध्यात्मिक उन्नति एवं वैदिक सिद्धांतों की गहराई को समझ सकेंगे।
शिविर नियमावली
- शिविर अवधि में मोबाइल फोन का प्रयोग पूर्णतः वर्जित रहेगा।
- शिविरार्थियों को शिविर के दौरान घर जाने की अनुमति नहीं होगी।
- 15 वर्ष से कम आयु के व्यक्ति शिविर में प्रवेश नहीं ले सकते।
- साफ-सफाई और गुरुकुल के अनुशासन का पालन करना अनिवार्य होगा।
- शिविर में भाग लेने के इच्छुक व्यक्ति 20 अप्रैल 2025 तक पंजीयन अवश्य करवा लें।
शिविर दिनचर्या
प्रातः कालीन गतिविधियाँ:
- प्रातः जागरण: 04:00 बजे
- मंत्रोच्चारण एवं ध्यान: 04:15 से 04:30 बजे
- शौच, स्नान आदि: 04:30 से 05:15 बजे
- आसन-व्यायाम: 05:15 से 05:45 बजे
- प्रातः ध्यान एवं सम्यक चिंतन: 05:45 से 06:30 बजे
- यज्ञ (हवन): 07:00 से 08:00 बजे
- प्रातः भोजन (नाश्ता): 08:00 से 08:30 बजे
- गुरुकुल परिसर की सफाई: 08:30 से 09:15 बजे
शिक्षण एवं अध्ययन सत्र:
- प्रथम कक्षा: 09:15 से 10:00 बजे
- द्वितीय कक्षा: 10:30 से 11:15 बजे
- तृतीय कक्षा: 11:30 से 12:15 बजे
- दोपहर भोजन: 12:30 से 01:00 बजे
- विश्राम एवं स्वाध्याय: 01:00 से 03:00 बजे
सायंकालीन गतिविधियाँ:
- चतुर्थ कक्षा: 03:15 से 04:00 बजे
- अल्पाहार (जलपान): 04:00 से 04:30 बजे
- सेवा कार्य: 04:30 से 05:00 बजे
- भ्रमण एवं व्यायाम: 05:00 से 05:45 बजे
- सायंकालीन ध्यान एवं साधना: 05:45 से 06:45 बजे
- रात्रि भोजन: 07:00 से 07:30 बजे
- भ्रमण एवं दुग्धपान: 07:30 से 08:15 बजे
- रात्रिकालीन आत्म निरीक्षण कक्षा: 08:15 से 09:00 बजे
- शयन मंत्रोच्चारण एवं मौन ध्यान: 09:15 बजे
मौन का समय:
- प्रातः 04:00 बजे से 06:30 बजे तक
- दोपहर 01:00 बजे से 03:00 बजे तक
- रात्रि 10:00 बजे से प्रातः 04:00 बजे तक
पंजीयन एवं संपर्क सूत्र
शिविर में भाग लेने के इच्छुक व्यक्ति निम्नलिखित संपर्क सूत्रों पर पंजीयन करवा सकते हैं:
📌 मुनि जोगीराम आर्य जी – 9977152119
📌 आचार्य दिलीप आर्य जी – 9630801257
आयोजक:
आर्य विद्या सभा, गुरुकुल आश्रम, सलखिया, विकासखंड- लैलूंगा, जिला रायगढ़ (छ.ग.)
निष्कर्ष
यह साधना स्वाध्याय शिविर उन सभी जिज्ञासुजनों के लिए एक अनमोल अवसर है जो वैदिक ज्ञान, योग और ध्यान को गहराई से समझना चाहते हैं। यदि आप अपने जीवन में शांति, आध्यात्मिक उन्नति और वेदों के सिद्धांतों को आत्मसात करना चाहते हैं, तो इस शिविर का लाभ अवश्य उठाएं।
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