आर्य समाज पाली में वासंती नवसस्येष्टि यज्ञ संपन्न

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Vasanti Navassayeshti Yagna conducted in Arya Samaj Pali 2025

13 मार्च,पाली –

फाल्गुन मास की पूर्णिमा, होलिका दहन के पावन अवसर पर आर्य समाज पाली में वासंती नवसस्येष्टि यज्ञ श्रद्धा एवं भक्ति भाव से संपन्न हुआ। इस अवसर पर नवीन धान्य—गेहूं की बालियों और चने के होलको को यज्ञ सामग्री में मिलाकर आहुतियां दी गईं। देवताओं को नवीन अन्न का भोग अर्पित कर देशवासियों के स्वास्थ्य, समृद्धि और खुशहाली की मंगलकामनाएं की गईं।

कृषि प्रधान देश में नवसस्येष्टि पर्व का महत्व

इस अवसर पर समाज मंत्री विजयराज आर्य ने नवसस्येष्टि यज्ञ के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है, जहां शारदीय और वासंती नवसस्येष्टि पर्व प्राचीन काल से मनाए जाते रहे हैं। यह पर्व ऋतु परिवर्तन और नई फसल के आगमन की खुशी में मनाए जाते हैं। उन्होंने बताया कि पहले इस दिन बड़े यज्ञों का आयोजन किया जाता था, जिसमें कृषक नवीन अन्न की आहुति देकर फिर स्वयं उसका उपयोग करते थे। लेकिन समय के साथ परंपराओं में बदलाव आया है, और अब यज्ञ के स्थान पर होली की अग्नि में होला सेंकने की परंपरा अधिक प्रचलित हो गई है।

समाज के गणमान्य लोग रहे उपस्थित

यज्ञ कार्यक्रम में समाज मंत्री विजयराज आर्य, वरिष्ठ आर्य समाजी पूनमचंद वैष्णव, प्रचार मंत्री घेवरचंद आर्य, उत्साही आर्य वीर रीकू पंवार सहित अनेक आर्य समाजी उपस्थित रहे। सभी ने यज्ञ में भाग लेकर वेद मंत्रों के उच्चारण के साथ आहुतियां अर्पित कीं।

Vasanti Navassayeshti Yagna conducted in Arya Samaj Pali 2025

दिवंगत आर्य समाजियों को श्रद्धांजलि

यज्ञ की समाप्ति के पश्चात आर्य समाज पाली के पूर्व प्रधान नरदेव आर्य, उनकी धर्मपत्नी परमेश्वरी देवी, एवं वरिष्ठ आर्य समाजी रामकिशोर लखेरा के निधन पर शोक प्रस्ताव पारित किया गया। उपस्थितजनों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित की।

समाप्ति

वासंती नवसस्येष्टि यज्ञ का यह पावन आयोजन आर्य समाज की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को संजोए रखने का महत्वपूर्ण प्रयास रहा। समाजजनों ने इस आयोजन को श्रद्धा और भक्ति भाव से संपन्न किया तथा एकता और समर्पण की भावना को सशक्त किया।