संसार में सुखपूर्वक जीने की कला का स्वामीजी द्वारा मार्गदर्शन
आर्य समाज के संस्थापक महर्षि दयानंद सरस्वती ने अपने जीवन का प्रत्येक क्षण समाज सुधार, वेद प्रचार एवं मानवता की सेवा में समर्पित किया। उनका आदर्श वाक्य था— “कृण्वन्तो विश्वमार्यम्”, अर्थात् पूरे संसार को श्रेष्ठ बनाना। आर्य समाज का मुख्य उद्देश्य भी यही है कि समाज की शारीरिक, आत्मिक एवं सामाजिक उन्नति हो।
इसी उद्देश्य की पूर्ति हेतु, आर्य समाज स्थापना के 150वें वर्ष के शुभ अवसर पर एवं विक्रम संवत् 2083 के आगमन के उपलक्ष्य में एक विशेष आध्यात्मिक प्रवचन एवं ध्यान शिविर का आयोजन किया जा रहा है।
विशेष कार्यक्रम का विवरण
इस भव्य आयोजन में स्वामी विवेकानंद परिव्राजक जी, निदेशक, दर्शन योग महाविद्यालय, रोजड़, गुजरात द्वारा आध्यात्मिक प्रवचन, ध्यान एवं शंका समाधान का कार्यक्रम रखा गया है। यह कार्यक्रम आत्मिक शांति एवं जीवन को सही दिशा प्रदान करने में सहायक होगा।
📅 दिनांक: 18-19 मार्च 2025 (मंगलवार-बुधवार)
⏰ समय: सायं 7:30 बजे से 9:15 बजे तक
📍 स्थान: आर्य समाज समर्पण शोध संस्थान, 4/42, सेक्टर 5, राजेन्द्र नगर, साहिबाबाद, गाजियाबाद
कार्यक्रम की विशेषताएँ
- महर्षि दयानंद के विचारों एवं आर्य समाज की शिक्षाओं पर विस्तृत चर्चा
- ध्यान एवं योग द्वारा मानसिक शांति प्राप्त करने की विधियाँ
- जीवन के जटिल प्रश्नों का आध्यात्मिक समाधान
- समापन के उपरांत ऋषि प्रसाद (राजमा-चावल, कढ़ी-चावल) का वितरण
निमंत्रण
यह कार्यक्रम सभी वेदप्रेमी बंधुओं एवं श्रद्धालुजनों के लिए खुला है। हम सभी से अनुरोध करते हैं कि अधिक से अधिक संख्या में पधारकर इस ज्ञानयज्ञ का लाभ उठाएँ।
आयोजक मंडल
प्रधान: राकेश भटनागर
उपप्रधान: रमेश भटनागर, देवेंद्र आर्य
मंत्री: सुरेश आर्य
सहमंत्री: विजेंद्र आर्य
कोषाध्यक्ष: कृष्ण कुमार आर्य
संरक्षक एवं प्रबंधक मंडल के अन्य गणमान्य सदस्य भी इस कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएँगे।
ℹ️ अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें:
📞 राकेश भटनागर (प्रधान): 9912210901
📞 रमेश भटनागर (उपप्रधान): 9811097161
सभी आर्यजनों से निवेदन है कि वे इस कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग करें और स्वामीजी के दिव्य विचारों से लाभान्वित हों।
🎶🎵मधुर भजन सुनने के लिए यहाँ क्लिक करे 👇🎵🎶
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