🕉️ ऋग्वेद – कृण्वन्तो विश्वमार्यम् 🕉️
“कृण्वन्तो विश्वमार्यम्” – ऋग्वेद का यह संदेश हमें संपूर्ण विश्व को आर्य अर्थात श्रेष्ठ बनाने की प्रेरणा देता है। आज, जब आधुनिकता की चकाचौंध में हमारी संस्कृति कहीं धुंधली हो रही है, तब हमें पुनः वेदों की ओर लौटने की आवश्यकता है।
फाल्गुन की शिवरात्रि अगर टंकारा में ना आती,
आजादी की देवी देश म्हारे में ना आती।
स्वामी दयानंद सरस्वती जी द्वारा प्रवर्तित वैदिक विचारधारा ने भारत को आध्यात्मिक, सामाजिक एवं राष्ट्रवादी चेतना से ओतप्रोत किया। यह आयोजन उन्हीं महान विचारों को पुनर्जीवित करने का एक प्रयास है।
🚩 बहरोड़ में ऋषि बोधोत्सव एवं आर्य समाज के 150 वर्ष 🚩
🔹 आर्य समाज – 150 वर्षों की गौरवशाली यात्रा 🔹
1875 में स्वामी दयानंद सरस्वती ने जब आर्य समाज की स्थापना की, तब से लेकर आज तक यह संगठन वेदों के प्रचार-प्रसार में अग्रणी रहा है। इस वर्ष आर्य समाज अपने 150 गौरवशाली वर्षों को पूर्ण कर रहा है, और इस अवसर पर एक भव्य समारोह का आयोजन किया जा रहा है।
🔹 ऋषि बोधोत्सव – शिवरात्रि का विशेष महत्व 🔹
शिवरात्रि केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि ऋषि बोधोत्सव के रूप में हमारी सांस्कृतिक धरोहर से जुड़ा एक महत्वपूर्ण अवसर है। इसी दिन स्वामी दयानंद सरस्वती को सत्य का वास्तविक बोध हुआ था, जिसने उन्हें भारत के पुनर्जागरण का महानायक बना दिया।
इस शुभ अवसर पर स्वामी श्रद्धानंद जी के जन्मदिवस को भी विशेष रूप से मनाया जाएगा, जिन्होंने राष्ट्र और धर्म की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी।
🪔 यज्ञ एवं भजन-प्रवचन कार्यक्रम 🪔
📅 तारीख: 26 फरवरी 2025 (बुधवार)
📍 स्थान: महर्षि दयानंद योगधाम, डी.वी.एम. स्कूल के सामने, राधाकृष्ण कॉलोनी, नारनौल रोड, बहरोड़
⏰ समय: प्रातः 9:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक
📖 मुख्य कार्यक्रम:
✅ वैदिक मंत्रों के उच्चारण के साथ महायज्ञ
✅ वेदों एवं आर्य समाज के सिद्धांतों पर विशेष प्रवचन
✅ भक्ति से ओत-प्रोत भजन संध्या
✅ धर्म और समाज सुधार पर विद्वानों के विचार
🙏 सहयोग एवं दान की जानकारी 🙏
वैदिक संस्कृति के प्रचार-प्रसार एवं इस पावन आयोजन में आपका योगदान स्वागत योग्य है। यदि आप इस कार्य में सहयोग देना चाहते हैं, तो निम्नलिखित विवरण के माध्यम से सहायता कर सकते हैं:
🏦 बैंक: पंजाब नेशनल बैंक (PNB)
🔢 IFSC Code: PUNB0129100
💰 A/c No.: 1291000100140166
📞 संपर्क: 9461405709, 9887669603
आपका प्रत्येक योगदान वैदिक संस्कृति के उत्थान और समाज सुधार के लिए सहायक होगा।
🌿 वेदों की गूंज – मुख्य विद्वान एवं वक्ता 🌿
इस शुभ अवसर पर निम्नलिखित विद्वान हमें अपने ज्ञान और प्रवचनों से लाभान्वित करेंगे:
📜 राम कृष्ण शास्त्री
📜 कृष्ण कुमार आर्य
📜 विनोद कुमार आर्य
📜 वेदप्रिय आर्य
इन महान विद्वानों के सान्निध्य में हम वेदों के गूढ़ रहस्यों को समझेंगे और अपनी वैदिक जड़ों की ओर वापसी करेंगे।
📖 अथर्ववेद का संदेश – वेदों की ओर लौटें 📖
वेद केवल ग्रंथ नहीं, बल्कि मानवता के उत्थान का मार्गदर्शन हैं। आज जब समाज में भटके हुए विचार, कट्टरता और संकीर्ण मानसिकता पनप रही है, तब वेदों की शिक्षा हमें संपूर्ण विश्व को एक परिवार मानने (वसुधैव कुटुंबकम्) और सत्यमेव जयते के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है।
हम सभी का कर्तव्य है कि इस पावन आयोजन में सम्मिलित होकर वेदों की दिव्य ज्योति से स्वयं को प्रकाशित करें और समाज को भी इस आलोक से आलोकित करें।
🚩 || ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः || 🚩
🎶 मधुर भजन सुनने के लिए यहाँ क्लिक करें 🎵👇👇










