महाशिवरात्रि पर वैदिक यज्ञ संपन्न: पाली,राजस्थान

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आर्य वीर दल में गूंजे वेद मंत्र, शिवरात्रि पर हवन कर मांगी खुशहाली

पाली, 26 फरवरी – आर्य समाज, आर्य वीर दल और महिला आर्य समाज पाली के संयुक्त तत्वावधान में महर्षि दयानंद व्यायाम शाला, लाखोटिया रोड पर महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर भव्य ऋषिबोधोत्सव का आयोजन किया गया। इस शुभ अवसर पर 11 कुण्डीय हवन यज्ञ का आयोजन कर ईश्वर से राष्ट्र और समाज की समृद्धि एवं कल्याण की मंगलकामना की गई। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता धनराज आर्य ने की, जबकि आर्य समाज के प्रधान मगाराम आर्य, आर्य वीर दल अध्यक्ष दिलीप परिहार और महिला आर्य समाज की प्रधाना अंकिता सिरवी के नेतृत्व में आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

यज्ञ और वेद मंत्रों से गूंजा वातावरण

कार्यक्रम की शुरुआत स्वास्तिक वाचन एवं शांतिपाठ के साथ हुई। इसके पश्चात ईश्वर स्तुति, प्रार्थना और उपासना के माध्यम से आध्यात्मिक वातावरण निर्मित किया गया। मुख्य ब्रह्मा हनुमान आर्य, मंत्री विजयराज आर्य और संरक्षक शिवराम प्रजापत के मार्गदर्शन में यज्ञ सम्पन्न हुआ। हवन में कुल 11 वेदियों पर 44 यजमानों ने सपत्नीक भाग लिया और श्रद्धापूर्वक आहुतियां अर्पित कीं।

मुख्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति

इस धार्मिक अनुष्ठान में विशेष रूप से पधारे मुख्य अतिथि – सब इंस्पेक्टर हीगलदान चारण और साहित्यकार पवन पांडे सपत्नी ने अपनी उपस्थिति से आयोजन की शोभा बढ़ाई। उनके साथ ही शहर के प्रतिष्ठित गणमान्य व्यक्ति, आर्य समाज के पदाधिकारी, समाजसेवी एवं युवा आर्य वीर भी उपस्थित रहे।

महाशिवरात्रि का आध्यात्मिक महत्व

आर्य वीर दल अध्यक्ष दिलीप परिहार ने अपने प्रेरणादायक उद्बोधन में महाशिवरात्रि के गूढ़ आध्यात्मिक रहस्य को समझाया। उन्होंने बताया कि शिवरात्रि केवल एक पर्व नहीं बल्कि आत्मबोध का संदेश देती है। महर्षि दयानंद के जीवन प्रसंग का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि किस प्रकार 14 वर्षीय बालक मूलशंकर को सच्चे शिव का ज्ञान हुआ और उन्होंने समाज में व्याप्त अंधविश्वासों को दूर कर वेदों की शुद्ध शिक्षाओं का प्रचार किया।

भजन संध्या और भक्ति की गूंज

कार्यक्रम के दौरान भजन गायन का भी विशेष आयोजन किया गया। हनुमान आर्य और रिंकू पंवार ने अपनी सुमधुर आवाज में भक्ति गीत प्रस्तुत कर उपस्थित श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।

उल्लेखनीय सहभागिता

यज्ञ में शामिल प्रमुख यजमानों में पार्षद प्रवीण आर्य, आर्य समाज प्रधान मगाराम आर्य, कोषाध्यक्ष चंद्रा राम प्रजापत, विधि सलाहकार कुंदन चौहान, शिक्षा विद पुखराज शर्मा, पियूष आर्य, अरुण परिहार, उपाध्यक्ष देवेंद्र मेवाड़ा, कोषाध्यक्ष महेंद्र प्रजापत, भरत कुमावत, राकेश सोनी, पुरण आर्य, कैलाश आर्य, कैलाश सेन, विष्णु बंजारा, राजेश मिश्रा, विरेंद्र आर्य, गिरधारीलाल, जगदीश आर्य, लक्ष्मण बंजारा, सुरेश पटेल आदि ने सपत्नीक भाग लिया। इसके अतिरिक्त बॉक्सिंग कोच दिलीप गहलोत अपने खिलाड़ियों के साथ यज्ञ में सम्मिलित हुए और आहुतियां अर्पित कीं।

महिला आर्य समाज का योगदान

इस आयोजन में महिला आर्य समाज की संरक्षक गंगादेवी आर्या व सीमा परिहार , उप प्रधान निर्मला मेवाड़ा, सचिव छवि आर्या, कोषाध्यक्ष हेमलता प्रजापत, पवन चौहान, प्रतिभा आर्य सहित कई महिलाओं ने सक्रिय भूमिका निभाई।

युवा शक्ति का योगदान

युवा आर्य वीरों ने भी इस आयोजन में बढ़-चढ़कर भाग लिया। योगेंद्र देवड़ा, गजेन्द्र गुर्जर, रवि आर्य, प्रवीण आर्य, दिव्यांश मेवाड़ा और सुनील सहित कई युवाओं ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

समाप्ति एवं संकल्प

कार्यक्रम के अंत में सभी श्रद्धालुओं ने राष्ट्र कल्याण, सामाजिक उत्थान और व्यक्तिगत आत्मविकास का संकल्प लिया। इस अवसर पर प्रचार मंत्री घेवरचंद आर्य ने बताया कि आर्य समाज द्वारा ऐसे धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम आगे भी आयोजित किए जाते रहेंगे, जिससे समाज में सकारात्मकता और जागरूकता का संचार हो सके।

इस भव्य आयोजन ने उपस्थित श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति प्रदान की और महाशिवरात्रि के वास्तविक महत्व को समझने का अवसर दिया।

आप सभी को महर्षि दयानंद बोधोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं।