ऋषि दयानंद की 201वीं जयंती पर जनजागरण यात्रा और महायज्ञ:साहिबाबाद

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देश की आज़ादी में महर्षि दयानंद व आर्य समाज का उल्लेखनीय योगदान – ओम पाल शास्त्री

यज्ञ और योग समाज को जोड़ते हैं – योगी प्रवीण आर्य

📅 सोमवार, 24 फरवरी 2025

गाजियाबाद – महर्षि दयानंद सरस्वती की 201वीं जयंती के अवसर पर आर्य समाज समर्पण शोध संस्थान साहिबाबाद ने वृंदावन ग्रीन साहिबाबाद सोसाइटी से जनजागरण यात्रा निकाली। इस यात्रा का उद्घाटन केंद्रीय आर्य युवक परिषद के प्रांतीय अध्यक्ष प्रवीण आर्य ने किया। यात्रा राधे श्याम पार्क से होते हुए आर्य समाज समर्पण शोध संस्थान, राजेंद्र नगर सेक्टर 5 के प्रांगण में संपन्न हुई, जहां महायज्ञ का आयोजन किया गया।

महायज्ञ और जनजागरण यात्रा

जनजागरण यात्रा का गणमान्य नागरिकों और वरिष्ठ लोगों ने पुष्प वर्षा और माल्यार्पण कर भव्य स्वागत किया। ऋतम आर्य के नेतृत्व में आर्य वीरों ने “आर्य समाज अमर रहे”, “ऋषि दयानंद की जय” जैसे गगनभेदी नारे लगाए और वेद मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।

महर्षि दयानंद और स्वतंत्रता संग्राम में योगदान

वैदिक विद्वान आचार्य ओमपाल शास्त्री ने कहा कि देश की आज़ादी की लड़ाई में महर्षि दयानंद और आर्य समाज का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने बताया कि बी. पट्टाभि सीतारमैय्या जैसे इतिहासकारों ने भी लिखा है कि “देश की आज़ादी में 80% आर्य समाज के लोग थे।”

इस अवसर पर के. के. यादव, मास्टर विजेंद्र आदि ने भजन प्रस्तुत कर ऋषि दयानंद की महिमा का गुणगान किया।

यज्ञ और योग का महत्व

योगी प्रवीण आर्य ने कहा कि यज्ञ और योग समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं क्योंकि दोनों सभी को समान रूप से लाभ प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा –
🔸 यज्ञ वायु मंडल को शुद्ध करता है और अग्नि जीवन में ऊँचाई पर उठने की प्रेरणा देती है।
🔸 योग संगतिकरण का कार्य करता है और समाज को एकजुट करता है।

उन्होंने आह्वान किया कि ओ३म् की पावन पताका के नीचे पूरे हिंदू समाज को संगठित करना होगा, तभी राष्ट्र की रक्षा संभव होगी।

विशिष्ट अतिथि और संचालन

इस अवसर पर जगवीर सिंह आर्य, रामपाल चौहान, विजेंद्र आर्य, राज कुमार आर्य, जगदीश सैनी, प्रमोद चौधरी, सत्यवीर सैनी, डॉ. प्रमोद सक्सेना, तथा श्रीमती कविता राठी (मंत्री, आर्य समाज लाजपत नगर) अपने साथियों सहित उपस्थित रहीं।

कार्यक्रम का कुशल संचालन जिला मंत्री सुरेश आर्य ने किया। उन्होंने युवाओं को महर्षि दयानंद सरस्वती का जीवन चरित्र पढ़ने के लिए प्रेरित किया और कहा कि यदि पहले की तरह घर-घर हवन-यज्ञ किए जाएं तो पर्यावरण शुद्ध होगा और लोग बीमारियों से बचेंगे।

कार्यक्रम का समापन

कार्यक्रम का समापन शांति पाठ और प्रसाद वितरण के साथ हुआ।

✍🏻 भवदीय,
प्रवीण आर्य
📞 मीडिया प्रभारी: 9716950820, 9911404423