एक सहारा तेरा भगवन्
एक सहारा तेरा भगवन्
हे दुनिया के पालनकर्ता
तुझ बिन कोई न मेरा
एक सहारा तेरा भगवन्
तुझ बिन और पुकारूँ किसको
कौन सुनेगा मेरी
किसके द्वारे जाऊँ
झोली कौन भरेगा मेरी
काली रातें कब बीतेंगी
कर दे “राम” (का) सबेरा
एक सहारा तेरा भगवन्
दु:ख की धूप तपाती रहती
छाँव दया की कर दो
बीहड़ मरुस्थल
से जीवन में
शीतलता ईश्वर दो
पत्ते सूखे – फूल नहीं
काँटों ने मुझको घेरा
एक सहारा तेरा भगवन्
हे दुनिया के पालनकर्ता
तुझ बिन कोई न मेरा
एक सहारा तेरा भगवन्










