✨ जीवन विकास शिविर-2025:गुजरात✨

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दर्शन योग धाम, लाकरोड़ा (गांधीनगर, गुजरात)

🗓️ दिनांक: 6 फरवरी – 9 फरवरी 2025
📍 स्थान: दर्शन योग धाम, लाकरोड़ा, जिला गांधीनगर, गुजरात

आध्यात्मिक जागरण और जीवन विकास के लिए दर्शन योग धाम, लाकरोड़ा में जीवन विकास शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर 6 फरवरी से 9 फरवरी 2025 तक चला, जिसमें देशभर के अनेक विद्वान एवं बुद्धिजीवी नागरिक शामिल हुए। शिविर का उद्देश्य वैदिक धर्म के मूल सिद्धांतों को समझना, योग एवं ध्यान के माध्यम से जीवन में सकारात्मकता लाना और आध्यात्मिक ज्ञान को आत्मसात करना था।

इस शिविर के मुख्य प्रशिक्षक एवं शिविराध्यक्ष स्वामी विवेकानंद परिव्राजक जी (निदेशक, दर्शन योग महाविद्यालय, रोजड़, गुजरात) रहे। उनके नेतृत्व में सभी प्रतिभागियों को योग, ध्यान, वैदिक शिक्षाओं और जीवन निर्माण के महत्वपूर्ण सूत्रों का प्रशिक्षण दिया गया।


🏕️ शिविर की मुख्य विशेषताएँ

🔸 प्रतिभागी एवं उपस्थिति


इस शिविर में विभिन्न क्षेत्रों से करीब 60 प्रतिभागियों ने भाग लिया। इनमें 20-25 इंजीनियर अपने परिवार सहित सम्मिलित हुए। इसके अलावा, हरियाणा बिजली विभाग के सेवानिवृत्त डायरेक्टर, अनेक चीफ इंजीनियर्स एवं अन्य प्रतिष्ठित व्यक्ति भी इस शिविर में सहभागी बने।

🔸 वैदिक जीवन के मूल सिद्धांतों की शिक्षा


शिविर के दौरान सभी प्रतिभागियों ने वैदिक धर्म के मूल सिद्धांतों को जानने और उन्हें जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। यज्ञ, ध्यान, योग, प्रवचन और आध्यात्मिक संवाद के माध्यम से उन्हें आत्मिक उन्नति के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी गई।

🔸 प्रतिदिन के कार्यक्रम


शिविर में प्रतिदिन विभिन्न आध्यात्मिक एवं शारीरिक साधनाओं का अभ्यास कराया गया, जिनमें शामिल थे:

यज्ञ एवं वैदिक मंत्रोच्चार 🔥
योगाभ्यास एवं शारीरिक व्यायाम 🧘‍♂️
प्रवचन एवं जीवन निर्माण के प्रेरक सत्र 📖
ईश्वर ध्यान एवं आत्मचिंतन 🙏
आध्यात्मिक शंका समाधान

इन कार्यक्रमों के माध्यम से प्रतिभागियों ने अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की प्रेरणा प्राप्त की।


🌟 प्रतिभागियों के अनुभव एवं संकल्प

शिविर के समापन पर, सभी प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि यह शिविर उनके जीवन में आध्यात्मिक जागरण और नैतिक उत्थान का एक अद्वितीय अवसर साबित हुआ

शिविर के अंतिम दिन, सभी शिविरार्थियों ने अपने दोषों को छोड़ने एवं सद्गुणों को धारण करने का संकल्प लिया। उन्होंने अपने हाथ ऊँचे उठाकर यह प्रतिज्ञा की कि वे जीवन में वैदिक मूल्यों को अपनाएँगे और अपने परिवार एवं समाज को भी इस दिशा में प्रेरित करेंगे।


📸 शिविर के अविस्मरणीय क्षणों की झलक!

“यह जीवन विकास शिविर केवल कुछ दिनों का एक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह एक ऐसा अनुभव था, जिसने सभी प्रतिभागियों को जीवन में आत्म-अवलोकन करने और सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में प्रेरित किया।”