आर्य समाज 22 का वार्षिकोत्सव, महर्षि दयानन्द सरस्वती जन्मोत्सव एवं शिवरात्रि महा-पर्व तथा ऋषि बोधोत्सव
सोमवार, 04 मार्च 2024 से रविवार, 10 मार्च 2024 तक
मान्यवर,
सादर नमस्ते ।
महर्षि स्वामी दयानन्द सरस्वती भारत के ही नहीं बल्कि विश्व के युग पुरुष थे। एक उच्चकोटी के विद्वान, महान विचारक एवं सांस्कृतिक क्रान्तिकारी, समाज सुधारक और भारतीयता के प्रबल समर्थक थे। वेदों की पुनः स्थापना के लिए उन्होंने अपना जीवन समर्पित कर दिया। सामाजिक एवं साम्प्रदायिक कुरीतियों, छुआ-छूत, अन्ध विश्वासों के विरुद्ध उन्होने कठोर संघर्ष किया। दलित वर्ग, नारी शोषण और जाति-पाति के भेद-भाव व पाखण्डों के विरोध में उन्होंने आजीवन संघर्ष किया । बाल्यकाल में ही जब शिवरात्रि के दिन रात्रि में चूहों को मन्दिर में शिवलिंग पर उछल कूद करते व चढाए गए फल, मिठाई, प्रसाद आदि को खाते देखा तो उन्होंने सच्चे शिव की खोज का संकल्प किया और सच्ची पूजा पद्धति के ज्ञान प्राप्त करने का निश्चय किया।
ऐसे महान युग पुरुष महर्षि स्वामी दयानन्द सरस्वती जी का जन्मोत्सव एवं बोधोत्सव-शिव रात्रि महा पर्व 04-03-2024 से 10-03-2024 तक चण्डीगढ़, पंचकूला एवं मोहाली की सभी आर्य समाजों की सामूहिक उपस्थिति में इस पावन पर्व को बड़ी धूम-धाम के साथ आर्य समाज, सैक्टर 22-ए, चण्डीगढ़ में मनाया जाएगा।










