202वां महर्षि दयानन्द जन्मोत्सव हर्षोल्लास से संपन्न : नई दिल्ली

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202 waan maharshi dayanand janmotsav harshollaas se sampann nai delhi 2026

नई दिल्ली में वैदिक संदेश की गूंज :

नई दिल्ली, वीरवार 12 फरवरी 2025

केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के तत्वावधान में 202वां महर्षि दयानन्द सरस्वती जन्मोत्सव आर्य समाज वेस्ट पटेल नगर, नई दिल्ली में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में वैदिक परंपरा, यज्ञ, भजन एवं व्यायाम प्रदर्शन के माध्यम से ऋषि दयानंद के आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाने का संदेश दिया गया।

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यज्ञ, ध्वजारोहण और दीप प्रज्वलन से हुआ शुभारंभ :

कार्यक्रम का शुभारंभ आचार्य गवेन्द्र शास्त्री द्वारा वैदिक यज्ञ के साथ किया गया। उन्होंने यजमानों को आशीर्वाद देते हुए उनके सुखद एवं समृद्ध जीवन की कामना की।

जितेन्द्र आर्य (प्रधान, आर्य समाज पटेल नगर) ने ध्वजारोहण किया तथा डॉ. शेली ओबेयॉय (पूर्व महापौर) ने दीप प्रज्वलित कर समारोह का उद्घाटन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता नरेन्द्र आर्य सुमन ने की।

“वेदों के मार्ग पर चलने से ही कल्याण” – डॉ. जयेंन्द्र आचार्य :

मुख्य वक्ता डॉ. जयेंन्द्र आचार्य ने कहा कि महर्षि दयानन्द सरस्वती एक क्रांतिकारी संन्यासी थे, जिन्हें 202 वर्ष बाद भी श्रद्धा से याद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि समाज में फैली कुरीतियों के समय “वेदों की ओर लौटो” का आह्वान एक सामाजिक क्रांति थी।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वक्तव्य का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वामी दयानंद का वेदों पर जो अटूट विश्वास था, उसी प्रकार हमें भी आत्मविश्वास विकसित करना चाहिए। उन्होंने सभी को ‘सत्यार्थ प्रकाश’ पढ़ने का आह्वान किया और भारतीय संस्कृति को आत्मसात करने की प्रेरणा दी।

डॉ. आचार्य ने कहा—
“वह बुद्धिमान व्यक्ति है जो पराई स्त्री को माँ के समान, दूसरों के धन को मिट्टी के समान और सभी प्राणियों को अपनी आत्मा के समान देखता है।”

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“महर्षि दयानंद के आदर्श आज भी प्रासंगिक” – अनिल आर्य :

राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य ने कहा कि महर्षि दयानंद के सिद्धांत आज भी पूर्णतः प्रासंगिक हैं। उनके आदर्शों को अपनाकर ही विश्व में शांति स्थापित की जा सकती है। उन्होंने आर्यजनों से आह्वान किया कि वे समाज सुधार एवं वैदिक मूल्यों के प्रचार में अग्रणी भूमिका निभाएं।

मुख्य अतिथि का संबोधन :

मुख्य अतिथि राज कुमार आनन्द (पूर्व विधायक) ने जन्मोत्सव की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि महर्षि दयानंद समग्र क्रांति के अग्रदूत थे। उन्होंने जात-पात और ऊंच-नीच को समाप्त कर समाज को एकजुट करने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि आर्य समाज आज भी उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का सराहनीय प्रयास कर रहा है।

विशेष आमंत्रित विधायक प्रवेश रतन एवं डॉ. शेली ओबेरॉय ने भी अपने विचार व्यक्त किए और वैदिक मूल्यों के प्रचार-प्रसार पर बल दिया।

भजन, व्यायाम प्रदर्शन और ऋषि लंगर रहा आकर्षण का केंद्र :

गायिका पिंकी आर्या, प्रवीण आर्य, सुधीर बंसल, विजय पाहुजा, रमेश बेदी एवं नरेश चन्द्र आदि ने मधुर भजनों के माध्यम से ऋषि गुणगान प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम में आर्य युवक-युवतियों द्वारा प्रस्तुत व्यायाम प्रदर्शन विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।

अंत में शांतिपाठ एवं ऋषि लंगर के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।

प्रमुख उपस्थित गणमान्य :

इस अवसर पर आर्य समाज कर्मपुरा रानी बाग के श्रद्धालु प्रतिनिधियों सहित सर्वश्री राज कुमार आर्य, विजय कपूर, महेश शर्मा, मनोज मान, डालेश त्यागी, डॉ. पवन आर्य (सुदर्शन न्यूज़), जितेन्द्र खरबन्दा, अमर नाथ बत्रा, यज्ञवीर चौहान, देवेंद्र गुप्ता, डॉ. प्रमोद सक्सेना आदि उपस्थित रहे।

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