18 से 20 अक्टूबर तक अजमेर के ऋषि उद्यान में आयोजित हो रहा है आर्यो का महाकुंभ
घेवरचन्द आर्य पाली
18 से 20 अक्टूबर तक अजमेर के ऋषि उद्यान मे आर्यों का महाकुंभ आयोजित होगा। जिसमें देश और विदेशों भी से हजारों ऋषि भक्त संन्यासी वानप्रस्थी गृहस्थ ब्रह्मचारी व्यापारी राजनेता इस ऐतिहासिक महाकुंभ को अपनी आंखों से देखकर गर्व एवं आत्मिक अनुभूति प्राप्त करेंगे। ऋषिवर देव दयानन्द जी महाराज के 200 वे जयन्ति वर्ष होने के कारण महर्षि दयानन्द जी महाराज की एक मात्र उतराधिकारी परोपकारीणी सभा अजमेर इसको भव्य एवं दिव्य समारोह के रूप में आयोजित कर रही है। इस अवसर पर कई सम्मेलनों के आयोजन होंगे जिसमें- 1. गोरक्षा सम्मेलन, 2. वेद प्रचार सम्मेलन, 3. सोशल मीडियां और आर्य समाज सम्मेलन 4. स्त्री शिक्षा सम्मेलन, 5. युवा सम्मेलन, 6. गुरुकुल सम्मेलन, 7. राष्ट्र रक्षा सम्मेलन आदि होगे।
सभा प्रधान ओम मुनि जी ने बताया कि सोमवार 14 अक्टूबर से यजुर्वेद पारायण यज्ञ का आरम्भ होगा जिसकी पूर्णाहुति समापन समारोह के अन्तिम दिन 20 अक्टूबर को प्रातः 10 बजे होगी। इस यज्ञ के ब्रह्मा प्रो कमलेश कुमार शास्त्री अहमदाबाद होंगे। इस दौरान वानप्रस्थ एवं संन्यास के इच्छुक व्यक्तियों को वानप्रस्थ एवं संन्यास की दीक्षा दी जाएगी। ऋषि दयानन्द के जीवन पर प्रदर्शनियां लगेगी, वेद कंण्ठस्य करण की परीक्षाएं आयोजित होंगी, ऋषिवर के जीवन के पर आर्य समाज के मीडियां विभाग द्वारा लेजर शो और लाईव प्रसारण किया जाएगा, संगठन शक्ति का परिचय देने के लिए अजमेर में एक विशाल शोभायात्रा निकाली जायेगी। ऋषि दयानन्द के जीवन पर विशेष गोष्ठियां, नाटिकाओं के आयोजन होंगे, कार्यकर्ताओ तथा विद्धानो का सम्मान किया जायेगा। कार्यक्रम स्थल पर आर्य जगत के विख्यात प्रकाशकों द्वारा पुस्तकों, हवन सामग्री, समिधाएं यज्ञ वेदी एवं ऋषिवर दयानन्द और आर्य समाज से सम्बंधित ध्वज पट्टीका बैनर स्टीकर, आर्युवेदिक दवाईयां आदि की खरीद बिक्री होगी।
सभा मंत्री कन्हैयालाल आर्य ने बताया कि महाकुंभ में पधारने वाले ऋषि भक्तो और श्रद्धालुओ के लिए दोनों समय भोजन एवं नाश्ता की व्यवस्था परोपकारिणी सभा की और से की जायेगी। इसके लिए सभा प्रधान ओम मुनि जी, मंत्री कन्हैयालाल आर्य और सभी न्यासी एक माह पहले ही आर्य समाजों के दौरे कर तैयारीयों में जुटे है। आवास व्यवस्था के लिए रमेश चंद्र भाट और दिवाकर गुप्ता तैयारीयों में जुटे हैं। उन्होंने बताया कि आर्य जन यदि समूह में रहना चाहेंगे तो ऋषि उद्यान तथा इसके अतिरिक्त विभिन्न विद्यालयों, आर्य समाजों एवं धर्म शालाओं में उनके ठहरने की समुचित व्यवस्था की जायेगी। ऋषि भक्तों को आवास में कोई कठिनाई हो तो रमेशचंद भाट- 9413356728, दिवाकर गुप्ता – 7878303382 पर सम्पर्क कर सकते हैं।

इस भव्य एवं ऐतिहासिक कार्यक्रम मे पधारने वाले सन्यासियों , राजनैतिक माननीयों, विद्वान एवं विदुषियों आर्य नेताओ की जानकारी पाठकों को बताना मैं उचित समझता हूं। जिसके दर्शन उपदेश प्रवचन औजस्वी भाषण सुनकर आर्य जनता गर्वित और हर्षित होगी। तो आप वंचित क्यों रहें ? आज ही ऋषि मेला अजमेर में पधारने का निर्णय लेकर तैयारियां आरंभ करें।अपने परिवार सहित इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनकर आत्मानुभूति करें। कार्यक्रम में अनेक संन्यासी पधारेंगे जिसमें प्रमुख स्वामी रामदेव जी महाराज, पतंजलि योगपीठ हरिद्वार, स्वामी प्रणवानंद जी महाराज गुरुकुल गौतम नगर दिल्ली, स्वामी डॉ. देवव्रत आचार्य संचालक सार्वदेशिक आर्य वीर दल, स्वामी ब्रह्म मुनि जी महाराज महाराष्ट्र, स्वामी ऋतपति जी महाराज गुरुकुल होशंगाबाद, स्वामी विवेकानंद जी परिव्राजक दर्शन योग महाविद्यालय, स्वामी चिदानंद जी सरस्वती गुरुकुल निगम नीड़म तेलंगाना, स्वामी विदेह योगी जी कुरुक्षेत्र, स्वामी सच्चिदानंद जी महाराज राजस्थान, आचार्य विजय पाल जी, गुरुकुल झज्जर, आचार्य ऋषिपाल, गुरुकुल इन्द्रप्रस्थ प्रमुख रूप से पधार रहे हैं।
आमन्त्रित राजनैतिक व्यक्तियों मे
आचार्य देवव्रत जी , राज्यपाल गुजरात, श्री भजन लाल जी शर्मा, मुख्य मंत्री राजस्थान, श्री गजेन्द्र सिंह जी शेखावत केन्द्रीय संस्कृति मंत्री, श्री वासुदेव देवनानी जी अध्यक्ष विधान सभा राजस्थान, श्री घनश्याम जी तिवारी राज्य सभा सांसद, श्रीमती अनिता भदेल , विधायक एवं पूर्व मंत्री अजमेर प्रमुख हैं। इसी प्रकार आर्य जगत के विख्यात विद्वान विदुशीया पधारेंगे जिसका विवरण इस प्रकार है – प्रो . कमलेश कुमार शास्त्री अहमदाबाद, आर्य जगत के विख्यात लेखक वयोवृद्ध प्रो राजेन्द्र जी जिज्ञासु अबोहर पंजाब, डॉ . रघुवीर वेद अलंकार दिल्ली, डॉ. ज्वलंत कुमार शास्त्री उत्तर प्रदेश, डॉ. रामप्रकाश वर्णी एटा उत्तर प्रदेश, डॉ. महेश विद्यालंकार दिल्ली, पद्मश्री आचार्य सुकामा हरियाणा, डॉ. सूर्यादेवी चतुर्वेदा कन्या गुरुकुल शिवगंज, डॉ. प्रियम्वदा वेदभारती नजीबाबाद, डॉ. धारणा याज्ञिकी गुरुकुल शाहजहाँपुर, प्रो. नरेश कुमार धीमान अजमेर, आचार्य विष्णुमित्र वेदार्थी, बिजनौर, आचार्य योगेन्द्र याज्ञिक, होशंगाबाद, डॉ. कुलबीर छिकारा, सूचना आयुक्त हरियाणा, डॉ. जगदेव विद्यालंकार रोहतक, आचार्य जीववर्धन शास्त्री जयपुर, डॉ. रामचन्द्र कुरुक्षेत्र, आचार्य अंकित प्रभाकर, अजमेर।

आर्य नेता श्री सुरेश चन्द्र आर्य, प्रधान सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा, श्री प्रकाश आर्य, मंत्री सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा दिल्ली, श्री राजीव गुलाटी, चेयरमैन एम.डी.एच, ठाकुर विक्रमसिंह, अध्यक्ष राष्ट्र निर्माण पार्टी, श्री धर्मपाल आर्य, प्रधान आर्य प्रतिनिधि सभा दिल्ली, श्री विनय आर्य मंत्री आर्य प्रतिनिधि सभा देहली, श्री देवेन्द्र पाल आर्य प्रधान आर्य प्रतिनिधि सभा उत्तर प्रदेश, श्री किशनलाल गहलोत प्रधान आर्य प्रतिनिधि सभा राजस्थान, डॉ. श्रीगोपाल बाहेती प्रधान महर्षि दयानन्द निर्वाण स्मारक न्यास अजमेर, श्री जितेन्द्र भाटिया, आर्य वीर दल दिल्ली, श्री देशबन्धु आर्य, उपप्रधान आर्य प्रतिनिधि सभा हरियाणा, श्री सतीश चढ्ढा, महामंत्री आर्य केन्द्रीय सभा देहली, श्री योगेश मुंजाल, प्रधान टंकारा स्मारक ट्रस्ट, श्री अजय सहगल मंत्री टंकारा स्मारक ट्रस्ट। आर्य जगत के विख्यात भजनोपदेशक और ऋषिभक्त श्री दिनेश जी पथिक पंजाब, श्री भूपेन्द्र सिंह जी आर्य जिनकी उपस्थिति के बिना समारोह निरस लगता है वे यहां पधार कर ऋषिवर दयानन्द और वैदिक धर्म पर ज्ञानामृत की वर्षा करेंगे। बताया जाता है कि इस सम्पूर्ण कार्यक्रम के स्वागत अध्यक्ष के रूप में श्री सुरेन्द्र कुमार आर्य, चेयरमैन, जे. बी. एम. ग्रुप उपस्थित रहेंगे।
कार्यक्रम को लेकर परोपकारिणी सभा के प्रधान ओम् मुनि जी वानप्रस्थी, मंत्री कन्हैयालाल आर्य, संरक्षक डॉ. सुरेन्द्र कुमार पूर्व कुलपति गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय हरिद्वार, परोपकारी पत्रिका के मान्य सम्पादक एवं संरक्षक डॉ. वेदपाल, उप प्रधान सज्जनसिंह कोठारी जयपुर, दीनदयाल गुप्त, जयसिंह गहलोत जोधपुर, सभा संयुक्त मंत्री डॉ. दिनेश चन्द्र शर्मा अजमेर, कोषाध्यक्ष लक्ष्मण जिज्ञासु नोयडा, पुस्तकालय अध्यक्ष आचार्य विरजानंद दैवकरणि गुरुकुल झज्जर, अन्तरग सदस्य डॉ. राजेन्द्र विद्यालंकार कुरुक्षेत्र , वीरेन्द्र आर्य अजमेर और अन्य ट्रस्टी गण शत्रुघ्न आर्य, सुभाष नवाल, मुनि सत्यजित् , स्वामी विष्वङ् परिव्राजक, विजयसिंह भाटी, श्रीमती ज्योत्स्रा धर्मवीर, डॉ. वेदप्रकाश विद्यार्थी, स्वामी ओमानन्द सरस्वती, डॉ. योगानंद शास्त्री, सत्यानंद आर्य आदि तैयारीयों में जुटे हैं।










