Arya Samaj bhajan
मानवता जी लो जीवन में
मानवता जी लो जीवन में,यही है सार जीवन काधरम ये ही करम ये ही,मानवता ही है...
इसलिए ओऽम् से लगन लगा।
इसलिए ओऽम् से लगन लगा।ज्ञान तू अपना रे खूब बढ़ा।कि ऋत के साथ रहे तू जुड़ा...
यज्ञार्थ ही तू धन कमा।
यज्ञार्थ ही तू धन कमा।यज्ञार्थ ही तू भोजन पका।मन का रे तू यज्ञ बना,प्राण हो जाए...
निकटतम से निकट है
निकटतम से निकट हैये रे ब्रह्ममीत ।मुझ में प्रकृति में भराब्रह्म गौरव गीत ।। टेक ।।
नेति नेति...
सप्रयास मैं तुझ तक पहुंचा
सप्रयास मैं तुझ तक पहुंचा,अप्रयास मैं तुझमें डूबा ।। टेक ।।
दुनियां थी मेरे प्रयास का रास्ता।दुनियां...
ब्रह्म मेरा घर है
ब्रह्म मेरा घर है, ब्रह्म मेरा दर है,ब्रह्म रास्ता है। वेद की दृष्टि से,देखें तो समझें, ब्रह्म...
ओ साधक रे ब्रह्म सहित ही जीना।
ओ साधक रे ब्रह्म सहित ही जीना।वेदमय जीवन सच्चा जीवन,साधक होके तू जीना ।।...
हैं सब से दिव्य वो पल जिनमें।
हैं सब से दिव्य वो पल जिनमें।हम ब्रह्म निकटतम पाते हैं।संसार शून्य हो जाता...
ओ दिन के अवसान धरा पर दीवाली लाए।
ओ दिन के अवसानधरा पर दीवाली लाए।हर घर में पथ मेंनिर्जन में हरयाली...
मिले शान्ति वह प्रभुवर हमको
मिले शान्ति वह प्रभुवर हमको ।। टेक ।।जो रवि किरणों में मुस्काए ।अन्तरिक्ष को जो...
ऋषि गाथा
हम आज एक ऋषिराजकी पावन कथा सुनाते हैं।आनन्दकन्द ऋषि दयानन्दकी गाथा गाते हैं।
हम कथा सुनाते हैं। ओ३म् ऽहम...
तुम इतने महान् बन आए।
तुम इतने महान् बन आए।हम तुमको पहचान न पाए ।। टेक।तुमने अमृत हमें पिलाया।हमने तुमको जहर...











