Arya Samaj bhajan
मैं अब बन्धन सह न सकूँगा।।
मैं अब बन्धन सह न सकूँगा। । टेक ।।युग-यग, के वह शत् सह बन्धन,जिनमें...
पहले तन मन शुद्ध कर दूजे कुल परिवार
पहले तन मन शुद्ध कर,दूजे कुल परिवार,तीजे ग्राम सुधार ले,बस हो गया देश...
आना किसी का है जाना किसी का
आना किसी का है जाना किसी का,सदा ना रहा यहां ठिकाना किसी का।
प्रातः बचपन...
कुछ लोग जमाने में ऐसे भी होते हैं
कुछ लोग जमाने में,ऐसे भी होते हैं,जो अपनी किश्ती को,धारा में डुबोते हैं।कुछ...
जिसे है पिपासा आओ प्रभु दर्शन की
जिसे है पिपासा,आओ प्रभु दर्शन की,सीधी डगरिया पकड़ो,ईश्वर मिलन की।
किसी से ना बैर रखो,सबसे...
प्रभु भक्ति में चूर रहते हैं
प्रभु भक्ति में चूर रहते हैं,गम की दुनियां से दूर रहते हैं।
उस गली में गरीब...
जब अपना ख्याल आता है
जब अपना ख्याल आता है,ख्यालों में भूचाल आता है।
हर एक मोड़ देखा जिन्दगी का,नई लेकर मिसाल...
टंकारे में छोड़ के चल दिये (धुन-काली कम्बली ओढ़ के)
टंकारे में छोड़ के चल दियेस्वामी जी परिवार को।मार्ग बतलाने भूले...
कभी भी किसी को सताना नहीं (धुन-परदेसी परदेसी जाना नहीं)
कभी भी किसी को सताना नहीं,परम धर्म है, श्रेष्ठ कर्म है।जीव...
वाचिक अधर्म चार हैं
वाचिक अधर्म चार हैंवाणी अनुशासित कर, ।। टेक ।।पोरुष्यं अर्थात कटु उच्चारण।प्रथम पाप का करो निवारण।मृदु सत्य...
अधर्म तीन शरीर से सदा बचाव करो।।
अदत्तानामुपादानम् हिंसा चैवाविधानतःपरदारोपसेवा च शारीरम् त्रिविधम् स्मृतम (मनु)
अधर्म तीन शरीर सेसदा बचाव करो।।...
यदि नहीं जान पाये अपने आपको फिर कैसे जानोगे (धुन- कैसा सिला दिया.)
यदि नहीं जान पाये अपने आपको,फिर कैसे...











