आर्य समाज भजन

मनुष्य जन्म अनमोल रे

मनुष्य जन्म अनमोल रे मनुष्य जन्म अनमोल रे,इसे माटी में ना रोल रेअब तो मिला है - फिर न मिलेगाकभी नहीं,...
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ज्ञान स्वरूप हे परमेश्वर ! ज्ञान स्वरूप हे परमेश्वर !हिंसा रहित कर दोमन वचन कर्म से हिंसा केदोषों को दूर कर...
जब तेरा निर्मल मन होगा जब तेरा निर्मल मन होगातब ही प्रभु का तुझे दर्शन होगा जब तेरा निर्मल मन होगातब ही...
धर्म-मार्ग पे चलना नहीं है आसान धर्म-मार्ग पे चलना नहीं है आसानमानों तेज छुरे की है धार-समानधर्मवीर के लिए है बिछौने...
उलझन में क्यूँ है मनवा उलझन में क्यूँ है मनवातुझको ये क्या हुआ हैतू ढूँढता है जिसकोतुझमें ही वो छुपा हैउलझन...
उषा प्रस्फुटित हुई है देखो प्राची में उषा प्रस्फुटित हुई है देखो प्राची मेंसर्व दूर हुए तम रात्रि केउषा प्रस्फुटित हुई...
"आओ टंकारा चलना है" "आ ओ टंकारा चलना है"आ ओ टंकारा चलना है,चलना है जी हमें चलना है।टंकारा धाम में चलना...
व्यक्त की आभा इतनी सुन्दर व्यक्त की आभा इतनी सुन्दरअव्यक्त तो होगा ही सुन्दरतमअपने आप के अव्यक्त को समझ लेविभूतिमय है,...
सच्चिदानन्द सोम प्रभु के कार्य बड़े महिमामय सच्चिदानन्द सोम प्रभु केकार्य बड़े महिमामयमिलता है इस विश्व को आश्रयचहुं दिशी उसकी कृपा...
धर्म और कर्म विहीन ना फूलते-फलते धर्म और कर्म विहीनना फूलते-फलतेध्यान-उपासना धर्मकर्म के फल फलते है जो अश्रद्धालु जनचाहे तो थोड़े दिनआनन्द...
छोडो माया का ये झमेला छोडो माया का ये झमेलाटंकारा में लग रहा मेला तू पीछे न रह जा अकेलाटंकारा में लग...
आया है जहाँ में शुभ कर्म कमाये जा आया है जहाँ मेंशुभ कर्म कमाये जादेख निराली दुनिया मतना जीवन व्यर्थ गँवा प्रातः-सायं...