आर्य समाज भजन
तेरे मन के कुविचार,करे छुप छुप
स्वर :- तेरे प्यार में दिलदार
तेरे मन के कुविचार,करे छुप छुपपापा चार कोई देखे...
बीती जा दिन रैन कर्म कुछ कर जाओ
स्वर :- मै जागू सारी रैन
बीती जा दिन रैन कर्मकुछ कर जाओदुर्व्यसनों...
ये मेरे भवन ये तेरे भवन कब छोड़ चले
स्वर :- ओ मेरे सनम ओ मेरे सनम
ये मेरे भवन ये...
प्रभो याद आये बहुत याद आये सबे जिन्दगी
स्वर :- वो जब याद आये
प्रभो याद आये बहुतयाद आये सबे जिन्दगीके अन्धेरे...
जीना भी अब तो ऐसा दुश्वार हो गया।
जीना भी अब तोऐसा दुश्वार हो गया।पैदा होते ही आदमीबिमार हो गया।।बिषदान कर...
कितना भी डालियगा हजरत नकाब को।।
कितना भी डालियगाहजरत नकाब को।।चेहरा बता ही देगादिल की किताब को।।
भीतर की सब हकीकतआंखें...
दामन में आग लगा बैठे
दामन में आग लगा बैठेसपनों का बाग जला बैठेतृष्णाओं के दरिया कीधारा बढ़ती ही रहीबढ़ती...
अर्थीं उठाके यार ही श्मशान ले चले
स्वरः - अपने किये पे कोई पशेमान हो गया
अर्थीं उठाके यार ही श्मशान...
मुझे जब मेरा बचपन और जवानी याद आती है।।
स्वर :- बेदर्दी बालमा तुझको
मुझे जब मेरा बचपनऔर जवानी याद आती है।।पिता...
जीवन की राहों में चलना सम्भल के।।
स्वर :- मुहब्बत की राहों में
जीवन की राहों मेंचलना सम्भल के।।फूलो में रहते...
विवेकी नर दुखों में भी घबराया नहीं करते।।
स्वरः ख्यालो में किसी के
विवेकी नर दुखों में भीघबराया नहीं करते।।अगन...
एक प्यारा सा गांव, जिसमें पीपल की
एक प्यारा सा गांव,जिसमें पीपल कीछांव हम उसे छोडकर,उससे मुख मोडकरअन्जान से हो गये...











